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स्वास्थ्य रक्षकों ने मनाया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

कार्यक्रम में संकाय सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ व अस्पताल के कर्मचारियों ने की भागीदारी

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में स्वास्थ्य रक्षकों ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया। रविवार को

एसजीपीजीआई के एचजी खुराना सभागार में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को अत्यंत उत्साह, उमंग के साथ मनाया गया। जिसे वरिष्ठ चिकित्सक और नोडल अधिकारी डॉ. प्रेरणा कपूर द्वारा किया गया । जिसमें संकाय सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल के कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस समारोह में महिला चिकित्सकों द्वारा कई रोचक संक्षिप्त वार्ताएँ प्रस्तुत की गईं। वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजू रानी, ​​वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पियाली भट्टाचार्य और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निधि (जनरल हॉस्पिटल), एमआरएच विभाग की

डॉ. इंदु लता और नेत्र रोग विभाग की डॉ. रचना अग्रवाल ने महिलाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। साथ ही जूनियर रेजिडेंट्स ने एक जीवंत महिला-केंद्रित प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया।

जिसमें विज्ञान, चिकित्सा, नर्सिंग और विश्व भर में तथा इतिहास में कई अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों को शामिल किया गया था। इस संवादात्मक सत्र ने प्रतिभागियों में उत्साह जगाया और पीढ़ियों से महिलाओं के उल्लेखनीय योगदान का जश्न मनाया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारियों द्वारा साझा की गई कविताओं और भावपूर्ण विचारों ने इसे और भी समृद्ध बनाया। अपने मार्मिक वृत्तांतों के माध्यम से, उन्होंने पेशेवर जिम्मेदारियों और पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन बनाने की अपनी व्यक्तिगत यात्राओं और चुनौतियों एवं दबावों का सामना करने के अपने दृढ़ संकल्प के बारे में बताया।

कार्यक्रम में अस्पताल की महिला सफाईकर्मियों और परिचारिकाओं का अभिनंदन था। स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की एक महत्वपूर्ण कड़ी को बधाई के साथ सम्मानित और सराहा गया। ज्ञात हो कि

रेडियोडायग्नोसिस विभाग ने भी 1 मार्च को इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी पर अपने सीएमई (कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन) कार्यक्रम के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया था। यह कार्यक्रम इस वर्ष के विषय “दान से लाभ” पर केंद्रित था।

जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि अवसर, मार्गदर्शन और समानता के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना अंततः मजबूत संस्थानों और समुदायों की ओर ले जाता है।

इस समारोह में संकाय सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों, तकनीशियन व कर्मचारियों की ऊर्जावान भागीदारी देखी गई। प्रोफेसर अर्चना गुप्ता ने इस दिन के गहरे अर्थ और महिलाओं के अधिकारों के लिए वैश्विक संघर्ष में इसकी ऐतिहासिक जड़ों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि कार्रवाई का आह्वान है। जब हम महिलाओं को अवसर, समर्थन और नेतृत्व के स्थान प्रदान करते हैं, तो समाज प्रगति, नवाचार और अधिक न्यायपूर्ण भविष्य प्राप्त करता है।

उन्होंने सुलभ चिकित्सा देखभाल, शीघ्र निदान और उन्नत रेडियोलॉजिकल सेवाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने में स्वास्थ्य पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी जोर दिया। जिससे महिलाओं और परिवारों के स्वास्थ्य परिणामों में उल्लेखनीय सुधार होता है।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण क्षण प्रोफेसर गुप्ता के नेतृत्व में ली गई सामूहिक प्रतिज्ञा थी। जिसमें प्रतिभागियों ने समानता को बढ़ावा देने, महिलाओं के नेतृत्व का समर्थन करने और सभी प्रकार के भेदभाव और पूर्वाग्रह के खिलाफ आवाज उठाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

“जब हम ज्ञान, अवसर और समर्थन प्रदान करते हैं, तो हमें एक मजबूत और अधिक समावेशी दुनिया मिलती है। प्रोफेसर गुप्ता ने अपने संबोधन का समापन करते हुए श्रोताओं को प्रेरित किया और उन्हें पूरे वर्ष महिला दिवस की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

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