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रामकृष्ण परमहंस के जन्म जयन्ती पर निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं 

विवेकानंद हॉस्पिटल का मना 57 वां स्थापना

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में रामकृष्ण परमहंस की जन्म जयन्ती व अस्पताल के स्थापना दिवस पर निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की गयी। बुधवार को

विवेकानन्द पॉलीक्लिनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान के 57वीं वर्षगाठ एवं रामकृष्ण परमहंस के जन्म जयन्ती पर निःशुल्क ओपीडी, ओटी तथा रेडियोलॉजी एवं पैथोलॉजी जॉच मरीजों को प्रदान की गयी।

साथ ही संस्थान ने अपना 39वाँ वार्षिक सतत् चिकित्सा शिक्षा पर एक गोष्ठीं का आयोजन में किया । जिसमें लगभग 100 से ज्यादा वरिष्ठ चिकित्सक एवं चिकित्सा के परास्तानक छात्रों नें भाग लिया।

यह सतत् चिकित्सा शिक्षा विशेषतः “ह्यूमन लाइफ फ्रॉम अपीयरेंस टू डिसअपीयरेंस” के साथ ही साथ चिकित्सा क्षेत्र से जुडे अन्य विभिन्न पहलुओं पर आयोजित की गयी। वहीं

कार्यक्रम की शुरूआत द्वीप प्रज्जवलन व प्रशिक्षु उपचारिकाओं के वैदिक मन्त्रोंच्चारण से हुआ। संस्थान प्रमुख स्वामी मुक्तिनाथानन्द महाराज ने कार्यक्रम में आए हुए सभी प्रतिभागियों व मेहमानों का स्वागत किया।

उन्होंने कहा यह कार्यक्रम हमारे लिए केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा मंच है जहाँ हम अपने ज्ञान को साझा करते हैं, नई चिकित्सीय तकनीकों और दृष्टिकोणों को समझते हैं, और अपने पेशेवर कौशल को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं।

हम सभी इस कार्यक्रम का पूरा लाभ उठाएँ। सवाल पूछें, अपने अनुभव साझा करें, और अपने साथी डॉक्टर्स के विचारों से सीखें। यही सीएमई का असली उद्देश्य है – सहयोग, सीखना और सामूहिक उन्नति।

जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो0 रविचंद्रन वी., कुलपति, दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली ने अपने संबोधन में समाज के नीचले स्तर के लोगो के उन्नयन में स्वामी विवेकानन्द द्वारा किये गये कार्यो एवं प्रयासो पर चर्चा की।

कहा कि आज के परिदृष्य में स्वामी के शिक्षा ज्यादा प्रासंगिक है साथ ही उन्होंने कहा कि आज का यह सीएमई विशेष रूप से इस बात पर केंद्रित है कि कैसे हम अपने दैनिक क्लिनिकल अभ्यास में नवीनतम शोध, साक्ष्य-आधारित चिकित्सा और नवीन तकनीकों को लागू कर सकते हैं।

हमारी जिम्मेदारी केवल रोगियों के जीवन को बचाना नहीं है, बल्कि उनके जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना भी है। और इसके लिए निरंतर शिक्षा और अद्यतन ज्ञान अत्यंत आवश्यक है।

इसके पश्चात् संस्थान के 08 वरिष्ठ विशेषज्ञों की अध्यक्षता में 04 सत्रों में वैज्ञानिक प्रस्तुतियों संलग्न विस्तृत कार्यक्रम के अनुसार एक श्रृंखला पेश की गई। जिसमें डॉ. सीमा पांडे, सीनियर कंसल्टेंट एवं हेड, रिप्रोडक्टिव मेडिसिन डिपार्टमेंट (इनफर्टिलिटी और आईवीएफ),

वीपीआईएमएस, लखनऊ, प्रो. (डॉ.) पियाली भट्टाचार्य, सीनियर पीडियाट्रिशियन, एसजीपीजीआईएमएस, लखनऊ, डॉ. बसंत कुमार, प्रोफेसर और हेड, पीडियाट्रिक सर्जिकल सुपरस्पेशलिटीज डिपार्टमेंट, लखनऊ और प्रो.संजय धीरज, विभागाध्यक्ष, एनेस्थीसिया विभाग,

एसजीपीजीआईएमएस, लखनऊ जैसे प्रख्यात चिकित्सा सलाहकारों द्वारा व्याख्यान दिए । साथ ही प्रश्नोत्तरी सत्र में डाक्टरों की जिज्ञासाओ को मजबूत किया गया।

संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डा बीके सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आज का यह सत्र सभी वक्ताओं, आयोजकों और प्रतिभागियों का धन्यवाद करता हूँ। जिन्होंने इस सीएमई को सफल बनाने में योगदान दिया। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आज का यह सत्र हमारे सभी के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और व्यवहारिक रूप से उपयोगी सिद्ध होगा।

दोपहर बाद सायं 5 बजे संस्थान के स्थापना दिवस समारोह का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो रविचंद्रन वी., कुलपति, दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली द्वारा किया गया। साथ ही साथ स्थापना दिवस समारोह कार्यक्रम को हमारे यूट्यूब चैनल ‘रामकृष्ण मठ लखनऊ’ के माध्यम से सीधा प्रसारण भी किया जा रहा है।

कार्यक्रम द्वीप प्रज्जवलन व उपचारिकाओं के वैदिक मन्त्रोंच्चारण के साथ शुभारम्भ किया गया ।

स्वागतीय उद्बोधन में अस्पताल के सचिव स्वामी मुक्तिनाथानन्द महाराज ने समारोह में आए सभी अतिथियों का स्वागत करते हुये बताया कि अस्पताल ने अपनी शुरूआत 1970 मे भगवान रामकृष्ण परमहंस के जन्म जयन्ती के अवसर पर किया था।

तभी से प्रत्येक वर्ष आज का दिन समपर्ण दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज 57 वर्षो बाद हम अपने पुराने कर्मचारीयो के समपर्ण को याद कर रहे है और उन्हें तहेदिल से अभार प्रकट कर रहे है। उन्होंने जोर देते हुये बताया कि स्वामी के उद्देश्यों का अनुशरण करते हुये इस संस्थान को बढते रहना चाहिए।

इस अवसर पर संस्थान के अस्पताल अधीक्षक डा. बीके सिंह ने अस्पताल के वार्षिक रिपोर्ट को प्रस्तुत किया। इसी क्रम में सराहनीय प्रदर्शन करने के लिए डाक्टरों, डीएनबी छात्रों, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को कड़ी मेहनत करने के लिए बधाई दी।

उन्होंने कर्मचारियों को लगातार प्रेरित करने और एनएबीएच आवश्यकताओं के अनुसार अस्पताल के बुनियादी ढांचे और चिकित्सा उपकरणों को विकसित करने में सहयोग प्रदान करने के लिए स्वामी मुक्तिनाथनन्द महाराज के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

स्वामी विवेकानंद के उपदेशों का किया स्मरण

समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. रविचंद्रन ने संस्थान के समर्पण दिवस में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित होने के लिए अपना धन्यवाद व्यक्त किया। साथ ही साथ उन्होंने कहा स्वामी विवेकानन्द की उपदेशो से प्रेरणा से काफी प्रेरित है।

उन्होंने गरीब मरीजो के किफायती इलाज में अनुकरणीय योगदान के लिए अस्पताल प्रबन्ध की सराहना की। साथ ही साथ डीएनबी एव नर्सिग छात्राओं को गुणवत्ता युक्त शिक्षा मुहैया कराये जाने के लिए सराहना की।

इसके बाद सर्वश्रेष्ठ प्रर्दशन करने वाली एमएससी की छात्रा चाँदनी कुमारी, बीएससी की छात्रा रितु सिंह, जीएनएम की छात्रायें दिव्या रस्तोगी, विभा वर्मा व अनुभूति बाजपेयी को डॉ नरोत्तम लाल गोल्ड मेडल एवं सार्टिफिकेट देकर मुख्य अतिथि प्रो. रविचंद्रन, ड. नरोत्तम लाल एवं संस्थान के सचिव स्वामी मुक्तिनाथानन्द ने सम्मानित किया।

उत्कृष्ट कार्य के लिए चिकित्सक हुए सम्मानित..

वही पैरामेडिकल (एमआरआई तकनीशियन) स्वाती सिंह तथा पैरामेडिकल (कार्डियो तकनीशियन) में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली छात्रा निमिशी गुप्ता को डा रमेश चन्द्रा मेमोरियल गोल्ड मेडल एवं सार्टिफिकेट मुख्य अतिथि प्रो रविचंद्रन एवं डा. पीके अग्रवाल द्वारा सम्मानित किया गया।

खिलाड़ी स्वास्थ्य कर्मी हुए सम्मानित

विभिन्न खेल-कूद स्पर्धाओं के लिए पुरस्कारों का वितरण भी हुआ जिसमें संस्थान के चिकित्सकों, उपचारिकाएं व कर्मचारियों ने भाग लिया था। विजयी खिलाडियों की सूची संस्थान के वार्षिक खेल के आयोजन सचिव ड़ॉ विशाल कुमार सिंह ने सुनाई।

सर्वश्रेष्ठ खिलाडी महिला प्रियांसी गुप्ता, सर्वश्रेष्ठ खिलाडी पुरूष डा. बिश्वेन्द्र सिंह चौहान को दिया गया। वही क्रिकेट के फाइनल में मैन ऑफ द मैच सुनील कुमार व मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार नीरज कुमार सिंह को दिया गया तथा सर्वश्रेष्ठ खिलाडी महिला (नर्सिग) वैशाली गौतम को दिया गया। वहीं

रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के कार्यकारणी समिति के उपाध्यक्ष किरोन चोपड़ा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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