किसानों ने सहायक चकबंदी अधिकारी कार्यालय को अलग शिफ्ट करने की उठाई मांग
किसानों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

गंगेश पाठक
अमेठी। लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। किसानों ने कार्यालय आने जाने की असुविधा को लेकर जिलाधिकारी से मांग की।
शनिवार को जगदीशपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम मंगौली के किसानों ने सहायक चकबंदी अधिकारी जगदीशपुर प्रथम के कार्यालय की वर्तमान स्थिति को लेकर गहरी नाराज़गी और गंभीर असुविधा व्यक्त की है।
किसानों का कहना है कि चकबंदी कार्रवाई के अंतर्गत सुझाव, नकल एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जबकि उक्त कार्यालय ग्राम सभा मंगौली से लगभग 10 किलोमीटर से अधिक दूरी पर औद्योगिक क्षेत्र के निकट, सिंदुरवा गांव के पास दारू ठेका के बगल में स्थित है, जो ग्रामीणों की पहुँच से बाहर साबित हो रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार कार्यालय तक पहुँचने के लिए न तो सुगम यातायात व्यवस्था उपलब्ध है और न ही सार्वजनिक साधन आसानी से मिल पाते हैं। मुख्य मार्ग से कार्यालय अलग-थलग होने के कारण किसानों को अतिरिक्त समय और धन व्यय करना पड़ता है।
जिससे उनकी दैनिक कृषि गतिविधियाँ प्रभावित हो रही हैं। साथ ही कार्यालय के आसपास असुविधाजनक माहौल होने के कारण किसान, विशेषकर महिलाएँ, नकल व अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख प्राप्त करने के लिए कार्यालय जाने में असहज महसूस करती हैं।
कई बार सहायक चकबंदी अधिकारी के शासकीय कार्य से बाहर रहने की स्थिति में किसानों को बिना कार्य कराए लौटना पड़ता है। जिससे उन्हें बार-बार अनावश्यक चक्कर लगाने पड़ते हैं।
किसानों ने इस गंभीर समस्या को लेकर जिलाधिकारी अमेठी को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट रूप से मांग की है कि सहायक चकबंदी अधिकारी, जगदीशपुर प्रथम का कार्यालय सिंदुरवा रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र से
हटाकर डाक बंगला जगदीशपुर, ब्लॉक कार्यालय जगदीशपुर अथवा जगदीशपुर कस्बा के किसी अन्य उपयुक्त एवं सुलभ स्थान पर तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित किया जाए। जिससे किसान बिना बाधा अपने कार्यों का निस्तारण करा सकें।
ज्ञापन देने वालों में राम गोपाल तिवारी, अशोक कुमार पाण्डेय, हर्ष कुमार पाण्डेय, देवानंद पाण्डेय, देवराज शुक्ला, भान दत्त पाण्डेय, राम प्रगट शुक्ला, अमरबहादुर, रामतीरथ, शिव बरन, गंगा प्रसाद सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र संज्ञान लेकर ठोस एवं जनहितकारी कार्रवाई करने की मांग की है, जिससे चकबंदी प्रक्रिया सुचारु रूप से आगे बढ़ सके और किसानों को राहत मिल सके।



