आरएमएल एवं आईआईटीआर के मध्य समझौता
दोनों संस्थानों ने शोध के क्षेत्र में बढ़ाया कदम

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं में शोध को बढ़ावा देने के लिए दो संस्थानों के मध्य समझौता किया गया। सीएसआईआर की शाखा आईआईटीआर और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बीच शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किये गए।
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान एवं इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च के बीच बीते शनिवार को IITR परिसर में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए।
समझौता के दौरान आरएमएल की तरफ से अतिरिक्त कुलसचिव (एडिशनल रजिस्ट्रार) डॉ. मनीष कुमार वर्मा ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर डॉ. अजय कुमार वर्मा, विभागाध्यक्ष, श्वसन रोग विभाग, साक्षी के रूप में उपस्थित रहे। वहीं CSIR की महानिदेशक, डॉ. कलैसेल्वी की उपस्थिति में संपन्न हुआ। ज्ञात हो कि
इस MoU का उद्देश्य दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच शैक्षणिक, अनुसंधान एवं क्षमता-विकास के क्षेत्रों में सहयोग को सुदृढ़ करना है। इस साझेदारी के अंतर्गत निम्नलिखित गतिविधियाँ संचालित की जाएँगी। जिसमें
>> संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएँ
फैकल्टी एवं वैज्ञानिकों का अकादमिक आदान–प्रदान,
>> प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएँ एवं सेमिनार
विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए मार्गदर्शन एवं क्षमता-विकास,
चिकित्सा विज्ञान, विषविज्ञान तथा संबंधित जैव-चिकित्सीय क्षेत्रों में सहयोग,
यह समझौता पाँच वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा। इस सहयोग के माध्यम से दोनों संस्थान अपने-अपने संसाधनों, विशेषज्ञता और अनुभव का साझा उपयोग करते हुए स्वास्थ्य विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देंगे।
दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा अनुसंधान, विषविज्ञान, जन-स्वास्थ्य और अकादमिक उत्कृष्टता को नई दिशा देगी। यह पहल युवा शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों का सृजन करेगी तथा समाज-उपयोगी एवं प्रभावी अनुसंधान को गति प्रदान करेगी।
यह पहल “अकादमिक उत्कृष्टता, नवाचार और सामाजिक दायित्व” के साझा लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



