प्रदेश में बढ़ेगी डायलिसिस इकाइयां- अमित कुमार घोष
लखनऊ एवं बरेली मण्डल की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। प्रदेश में डायलिसिस इकाइयों को बढ़ाया जाएगा। बुधवार को प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में लखनऊ एवं बरेली मण्डल में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवाओं,कार्यक्रमों की मण्डल-स्तरीय समीक्षा बैठक राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उप्र के लखनऊ स्थित सभागार में
अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग अमित कुमार घोष, आईएएस की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमे राज्य,जनपद स्तर के अन्य अधिकारी/कर्मचारी द्वारा वर्चुअल माध्यम से भी बैठक में प्रतिभाग किया गया।
अपर मुख्य सचिव ने बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति, स्वास्थ्य कार्यक्रमों का वास्तविक प्रभाव तथा प्रशासनिक एवं तकनीकी चुनौतियों की पहचान कर परिणाम-उन्मुख सुधारात्मक कदम उठाये जाने एवं आम जन तक स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ पहुंचाने पर बल दिया।
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आम जन तक निःशुल्क डायलिसिस सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने हेतु पूरे प्रदेश मे डायलिसिस इकाइयों को बढ़ाया जाए। जिन जनपदों में कैंसर के उपचार की सुविधा अनुपलब्ध है।
वहां के जिला स्तरीय चिकित्सालयों में कैंसर इकाईयां खोले जाने की कार्ययोजना पर शीघ्र कार्य किया जाए। उन्होंने निःशुल्क डायलिसिस सेवाओं की तरह ही पीपीपी मोड में कैंसर के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु प्रस्ताव तैयार किए जाने की बात कही।
बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव ने एमआरआई जांच की सुविधा पर बल देते हुए प्रत्येक जिले में मांग के अनुरूप एमआरआई सेवाओं की उपलब्धता पर रिपोर्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येेक जनपद में आम जन तक सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए आवश्यक बिन्दुओं की पहचान कर रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिये।
अपर मुख्य सचिव महोदय ने क्रिटिकल केयर यूनिट एवं वेंटीलेटर के अधिकाधिक उपयोग के लिए मानव संसाधन को प्रशिक्षित कर और अधिक दक्ष बनाए जाने पर बल देते हुए चिकित्सा इकाईयों में निर्बाध आक्सीजन आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल, निर्धारित मानक अनुसार मरीजों के बेड हेतु स्वच्छ चादर इत्यादि की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश भी दिये।
इस अवसर पर मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश डा. पिंकी जोवल, आईएएस. ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन मेलों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा का सशक्त माध्यम बनाया जाए।
जिससे कि आम जन को घर के निकट स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने सभी जनपदों में आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों का नियमित अनुश्रवण किए जाने की बात कही। मिशन निदेशक ने स्वास्थ्य उप केन्द्रों पर मानव संसाधन की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने हेतु निर्देशित किया।
समीक्षा बैठक से पूर्व 26 से 28 दिसम्बर 2025 के मध्य लखनऊ एवं बरेली मण्डल की विभिन्न स्तरीय कुल 2947 स्वास्थ्य इकाइयों का व्यापक स्थलीय पर्यवेक्षण किया गया।
इस पर्यवेक्षण में आवश्यक औषधियों की उपलब्धता, पेयजल एवं स्वच्छता, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, मानव संसाधन की स्थिति, तीमारदारों हेतु सुविधाएं तथा प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों-जैसे मातृ-शिशु स्वास्थ्य, संचारी एवं गैर-संचारी रोग, टीकाकरण आदि की प्रगति का आकलन किया गया। लाभार्थियों से प्राप्त फीडबैक में स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिकांश ने संतोष व्यक्त किया।
समीक्षा बैठक में विजय विश्वास पंत, आई.ए.एस., मण्डलायुक्त, लखनऊ मण्डल, डाॅ.रतन पाल सिंह सुमन महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश, डा.पवन कुमार अरूण, महानिदेशक, परिवार कल्याण, डा.एचडी अग्रवाल,
महानिदेशक, प्रशिक्षण सहित लखनऊ एवं बरेली मण्डल के मण्डलीय अपर निदेशक, संबंधित जनपदों के समस्त मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक/अधीक्षिका, जिला पुरूष/महिला/संयुक्त चिकित्सालय एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उप्र अंतर्गत विभिन्न अनुभाग के महाप्रबंधक उपस्थित रहे।



