टीबी को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत – प्रो राजेन्द्र प्रसाद
जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी किया रवाना

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में टीबी उन्मूलन के लिए जागरूकता रैली निकाली गयी। सोमवार को
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह के निर्देशन में एरा मेडिकल कॉलेज में विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई।
इसके साथ ही एक जागरूकता रैली भी निकाली गई। जिसे नेशनल टीबी टास्क फोर्स के उपाध्यक्ष(वाइस चेयरपर्सन) पद्मश्री प्रो. राजेन्द्र प्रसाद ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्रो. प्रसाद ने कहा कि टीबी को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से निक्षय मित्र बनकर इस अभियान से जुड़ने और अन्य लोगों को भी जागरूक करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आज भी लोग टीबी को लेकर डरते हैं, जबकि यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, मुंह से खून आना, सुस्ती या लगातार वजन कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत जांच करानी चाहिए।
इन लक्षणों से घबराने के बजाय समय पर जांच और उपचार कराना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि टीबी को छिपाएं नहीं, बल्कि जांच और उपचार कराकर टीबी मुक्त समाज बनाने में सहयोग दें।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके सिंघल ने कहा कि विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित यह कार्यक्रम टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी टीबी का निदान होगा और उपचार शुरू होगा, मरीज को उतनी ही जल्दी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि 24 मार्च को ही वैज्ञानिक रॉबर्ट कॉच ने टीबी के बैक्टीरिया माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस की खोज की थी। उनकी इस खोज ने टीबी के निदान, जांच और उपचार की दिशा में नई राह खोली।
कॉलेज के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. केबी गुप्ता ने कहा कि हर साल 24 मार्च को टीबी दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जागरूक करना तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष विश्व क्षय रोग दिवस की थीम “यस ! वी कैन इन्ड TB: लेड बाय कंट्रीज , पावर्ड बाय पीपल ” है। यह थीम इस बात पर जोर देती है कि सरकार, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और आम लोग मिलकर काम करें तो टीबी को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील की।
इस अवसर पर नुक्कड़ नाटक, पोस्टर मेकिंग और स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. निरूपमा लाल, राम मनोहर लोहिया अस्पताल के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हेमंत कुमार अग्रवाल, कॉलेज में एनटीईपी के नोडल अधिकारी डॉ. रचित शर्मा, चिकित्सा अधिकारी
डॉ. बीके सिंह, जनपद के पीपीएम समन्वयक रामजी वर्मा, एसटीएस लालजी गुप्ता, एसटीएलएस विजय मौर्या, टीबी एचवी भूपेंद्र यादव सहित अन्य चिकित्सक और नर्सिंग के विद्यार्थी मौजूद रहे।



