बड़े आन्दोलन करने को होंगे बाध्य
कर्मचारियों मांगे अधूरी, पदाधिकारियों में बढ़ी नाराजगी

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। कर्मचारियों की मांगे पूरी न होने नाराजगी बढ़ने लगी है। शुक्रवार को
इण्डियन पब्लिक सर्विस इम्प्लाईज फेडरेशन (इप्सेफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्र एवं महासचिव प्रेम चन्द्र ने बताया कि इप्सेफ द्वारा विभिन्न राज्यों के संगठनों के पदाधिकारियों से बात करने पर जानकारी मिली है कि
रिक्त पदों पर भर्ती, पदोन्नतियां, कैडर पुनर्गठन, आउटसोर्स की कर्मचारियों का शोषण, बकाया महंगाई भत्ते की किस्तां का भुगतान न करने, शिक्षकां की समस्याऐं जैसे टीईटी की जबरन परीक्षा देने को बाध्य करना अपनी समस्याओं के कारण देश भर के कर्मचारी नाराज है।
एसबी सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं अतुल मिश्रा उपमहासचिव ने बताया कि कर्मचारियों एवं शिक्षकों की मांगों पर मिल बैठकर सार्थक निर्णय नहीं किया गया तो मौसम सही होने के बाद बड़े आन्दोलन करने पर बाध्य होना पड़ेगा।
वीपी मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री को कई बार पत्र भेजा गया और कई राज्यों के संगठनों द्वारा मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया गया था, कि मिल बैठकर समस्याओं पर सार्थक निर्णय करे। फिर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया।
प्रमुख मांगो में..
>> पुरानी पेंशन बहाली
>> 8वें वेतन आयोग की संस्तुतियों को 01 जनवरी 2026 से लागू करने
>> सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी लाभ देने
>> आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन रिक्त पदों पर नियुक्तियों में वरीयता देने एवं बेरोजगारी के संबंध में प्रधानमंत्री से पुनः आग्रह किया है कि जनता की सेवा करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं पर मिल बैठकर समाधान निकाले, वरना भावी चुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।



