अच्छे संचार कौशल विकसित करना -प्रो. गुप्ता
एसजीपीजीआई में कार्य नैतिकता पर कार्यक्रम

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। मरीजों बेहतर सुविधा देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। शनिवार को
एसजीपीजीआईएमएस के डॉ. हरगोबिंद खुराना ऑडिटोरियम लेक्चर थिएटर में कार्य नैतिकता पर कार्यक्रम किया गया। जिसमें संस्थान के रिसेप्शनिस्ट, जूनियर रिसेप्शन ऑफिसर, जनसंपर्क अधिकारी, मेडिकल सोशल वर्कर और नर्सिंग स्टाफ शामिल रहे।
वहीं संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. देवेंद्र गुप्ता ने मरीजों के दृष्टिकोण और उनकी भावनाओं को समझने और इस प्रकार उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए जोर दिया।
उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अच्छे संचार कौशल विकसित करना है और इन्हें नियमित अंतराल पर आयोजित किया जाना चाहिए। साथ ही
चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर आर. हर्षवर्धन ने अस्पताल व्यवस्था में गैर-मौखिक संचार की भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा कि शब्द केवल अपनी अभिव्यक्ति का एक माध्यम हैं, लेकिन हम कैसे संवाद करते हैं।
यह अधिक महत्वपूर्ण है। हमें मरीजों और उनके परिचारकों के साथ संवाद करते समय शांत, संयमित और भावनात्मक रूप से संतुलित रहना चाहिए। उन्होंने सुनने की कला सीखने की आवश्यकता पर बल दिया।
लखनऊ विवि के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के प्रो.मुकुल श्रीवास्तव ने अतिथि व्याख्यान दिया और अस्पताल में कार्य नैतिकता पर बात की।
उन्होंने बेहतर परिणामों और किसी भी संगठन की प्रतिष्ठा में वृद्धि के लिए अनुशासन, समय प्रबंधन व व्यवहार कौशल विकसित करने की आवश्यकता पर बहुत प्रभावी ढंग से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा एक संतुष्ट मरीज हज़ार विज्ञापनों के बराबर होता है।
उन्होंने आगे विस्तार से बताया कि मरीज का सम्मान सर्वोच्च है और हमें हर संभव तरीके से इसकी रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीज और उनके तीमारदारों के साथ पहली बार संपर्क में आने वाला हर व्यक्ति एक शॉक ऑब्जर्वर की तरह काम करता है और
उन्हें सहानुभूतिपूर्वक सुनने की कला सीखनी चाहिए। कार्यक्रम का समापन ओपन हाउस के साथ हुआ। कार्यक्रम के दौरान सैकड़ो लोगों ने प्रतिभाग किया।



