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कफ सिरप अवैध कारोबार में लिप्त लोगों पर होगी बुलडोज़र की कार्रवाई – योगी आदित्यनाथ

विधानसभा शीतकालीन सत्र में गूंजा कफ सिरप मामला

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। विधानसभा शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन कफ सिरप मामला गूंज उठा। जिसमें समाजवादी पार्टी विधायकों ने हाथ में पोस्टर बैनर व कोडीन कफ सिरप की स्टैंडी लेकर विधानसभा परिसर में खूब हंगामा काटा।

जिसमें सभी विधायकों ने कहा कि बुलडोज़र ड्राइवर भाग गया और किसी ने कहा बुलडोज़र में तेल ख़त्म हो गया है। प्रदेश सरकार कोडीन कफ सिरप में संलिप्त माफियाओ पर कार्रवाई करने से सरकार पीछे हट रही है।

वहीं इन सभी मुद्दों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में कहा कि पहली बात-कोडीन कफ सिरप से उत्तरप्रदेश में कोई मौत नही हुई है।

दूसरा-इस मामले में NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई होगी,यह उत्तरप्रदेश सरकार ने मामले को कोर्ट में जीता है। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि

तीसरा-उत्तरप्रदेश में इसका जो होलसेलर या जो बड़े होलसेलर हैं,उसको सबसे पहले एसटीएफ ने पकड़ा था,उसको 2016 में समाजवादी पार्टी ने लाइसेंस जारी किया था। उन्होंने कहा कि

जो फोटो रिलीज हो रही हैं,देश मे दो नमूने हैं,एक दिल्ली में दूसरे लखनऊ में बैठते हैं,देश मे जब कोई चर्चा होती है तो वह देश छोड़कर भाग जाते हैं,मुझे लगता है,यही आपके बबुआ के साथ भी हो रहा होगा,वह भी देश से इंग्लैंड के सैर सपाटे पर चले जाएंगे, आप लोग यहां चिल्लाते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि

कोडीन कफ सिरप का मुद्दा जो उठाया गया,मुद्दा था नकली दवाओं के सेवन से होनी वाली मौतों का। इसके बारे में हमने पहले भी बताया कि नकली दवाओं से होनी वाली मौत की कोई बात नही आई है।

यूपी में कोडीन कफ सिरप के केवल स्टाकिस्ट हैं,होलसेलर हैं,इसका यहां प्रोडक्शन नही होता है। यह मध्यप्रदेश में हिमाचल व अन्य राज्यों में प्रोडक्शन होता है,मौत के प्रकरण अन्य राज्यों में हुए,जो मौत के प्रकरण हुए वो तमिलनाडु में बने हुए सिरप से हुए हैं।

यह पूरा प्रकरण एडिटेशन का नही,यह अनलीगल डायवर्जन का है,इस डायवर्जन के कारण इन होलसेलर्स ने इसको उन देशों व उन राज्यों में पहुंचाया जहां मद्यनिषेध है। फिर भी वहां नशे के आदी लोगो को इसको लेने की आदत है।

वहां उसका दुरुपयोग हुआ,जबकि बिना चिकित्सकीय परामर्श के इसका सेवन नही हो सकता,खासकर बच्चो के लिए। उसमे लिखा भी रहता है कि बिना चिकित्सक परामर्श के सेवन नहीं करना है।

किसने कफ सिरप नही लिया,खाँसी होती है तो हर व्यक्ति लेता है,लेकिन चिकित्सकीय परामर्श से लेता है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि

चूकिं पढ़ाई लिखाई से आपका कोई वास्ता है नही,इसलिए आप चिल्लाते रहते हैं। इतना कहते विपक्ष पलटवार करने लगा फिर मुख्यमंत्री ने कहा पहले सुन तो लीजिए फिर अपनी बात रखिये।

सरकार ने जो कार्रवाई की इसमे 79 अभियोग दर्ज किए,225 अभियुक्त नामजद,78 अभियुक्त अबतक गिरफ्तार,134 फर्म पर छापेमारी की कार्रवाई हुई है।

इसमे जितनी गहराई में जाएंगे घूम फिर कर वही मामला आता है,की कही न कही कोई न कोई समाजवादी पार्टी से जुड़ा नेता या व्यक्ति चपेट में आता है,जो अनलीगल ट्रांजेक्शन भी जो हुआ वो भी आपके एक लोहिया वाहिनी नेता के अकाउंट के माध्यम से हुआ।

एसटीएफ इसमे जांच कर रही है,उत्तरप्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में इस मामले को एनडीपीएस एक्ट तहत चलाने को लेकर मामला जीता है। समय आने पर बुलडोजर एक्शन भी होगा फिर चिल्लाना नहीं।

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