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रक्त विकार किसी जाति, वर्ग, आयु या सीमाओं में बंधे नहीं होते – आनंदीबेन पटेल

 बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट का किया लोकार्पण

 

ब्रजेश पाठक, मयंकेश्वर शरण सिंह, प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद रही मौजूद।

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट स्थापित की गयी। गुरुवार को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के क्लिनिकल हिमेटोलॉजी विभाग में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट का लोकार्पण किया गया।

इस मौके पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह एवं कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद मौजूद रही। बता दें कि यह यूनिट आदित्य बिरला कैपिटल फाउंडेशन के प्रदत्त सीएसआर सहयोग से स्थापित की गई है।

वहीं इस अवसर पर राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि रक्त विकार किसी जाति, वर्ग, आयु या सीमाओं में बंधे नहीं होते। ये रोग अबोध बच्चों की मुस्कान, युवाओं के सपनों और परिवारों की धैर्यशक्ति पर गहरा प्रभाव डालते हैं।

ल्यूकेमिया, थैलेसीमिया और एप्लास्टिक एनीमिया जैसे गंभीर रोग समय पर उपचार न मिलने पर जीवन के लिए चुनौती बन जाते हैं, और ऐसे में अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण अंतिम आशा के रूप में सामने आता है।

राज्यपाल ने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में प्रतिवर्ष लाखों रोगियों को प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है, परंतु सीमित सुविधाओं के कारण विशेषकर उत्तर प्रदेश में कई मरीजों को लंबी प्रतीक्षा और दूर-दराज़ की यात्रा का सामना करना पड़ता है।

संस्थान में बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट की स्थापना प्रदेश और देश के लाखों जरूरतमंद परिवारों के लिए नई आशा लेकर आई है। राज्यपाल ने कुलपति पद्मश्री डॉ. सोनिया नित्यानंद की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से एसजीपीजीआई, डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान और अब केजीएमयू में प्रत्यारोपण इकाइयों की स्थापना संभव हो सकी है।

उन्होंने आदित्य बिरला कैपिटल फाउंडेशन की अध्यक्ष राजश्री बिरला का भी आभार व्यक्त किया, जिनके सीएसआर सहयोग से हेपा-फिल्टर युक्त स्वच्छ कक्षों का विस्तार किया जा रहा है।

राज्यपाल ने कैनकिड्स किड्सकैन संस्था द्वारा बच्चों के कैंसर उपचार में दी जा रही परामर्श, पोषण, औषधि सहायता और देखभाल सेवाओं की प्रशंसा की। राज्यपाल ने कहा कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट का उपचार अभी भी अत्यंत महंगा है, और कई गरीब मरीज आर्थिक अभाव में उपचार से वंचित रह जाते हैं।

ऐसे में केजीएमयू की यह यूनिट प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूर-दराज़ राज्यों के मरीजों के लिए भी जीवनदायी सहारा बनेगी। उन्होंने कहा कि जब विज्ञान संवेदना से जुड़ता है और संस्थाएँ सेवा का संकल्प लेकर कार्य करती हैं, तभी एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। भारत आज आत्मनिर्भरता, नवाचार, आधुनिक चिकित्सा, डिजिटल हेल्थ और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से ‘स्वस्थ भारत समर्थ भारत’ के संकल्प को साकार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि महामारी के कठिन समय में भारत ने जिस धैर्य, संगठन क्षमता और वैज्ञानिक दृष्टि का परिचय दिया, वह विश्व के लिए उदाहरण है। आज नर्स, डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मी देश के मौन लेकिन महान योद्धा हैं। राज्यपाल ने कहा कि यह कालखंड भारत के पुनर्जागरण का युग है,

जहाँ इतिहास के महानायक सरदार पटेल, भगवान बिरसा मुंडा, गुरु तेग बहादुर जी और “वंदे मातरम” जैसी राष्ट्रीय चेतना की ध्वनि हमें निरंतर प्रेरित करती है। भारत आज वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आत्मविश्वास का केंद्र बनकर उभर रहा है। देश की जीडीपी वृद्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज का भारत युवा शक्ति, नारी शक्ति, समुद्री शक्ति और अंतरिक्ष विज्ञान इन सभी क्षेत्रों में नए आयाम स्थापित कर रहा है।

यह यात्रा केवल भौतिक विकास की नहीं, बल्कि आत्मगौरव और मानसिक स्वतंत्रता की यात्रा है। राज्यपाल ने कहा कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट का लोकार्पण उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को नई दिशा देगा और आधुनिक, उन्नत व विश्वस्तरीय चिकित्सा को और अधिक सुलभ बनाएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह यूनिट अनगिनत परिवारों के जीवन में नई रोशनी लेकर आएगी।

साथ ही बाल आयुष फाउंडेशन और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ के मध्य एक समझौता ज्ञापन भी हुआ। जिसकी सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रत्यारोपण देखभाल में स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षित करने और गरीब रोगियों हेतु वित्तीय सहायता की व्यवस्था प्रशंसनीय है।

राज्यपाल ने कहा कि ग्रामश्री और क्राफ्टरूट्स के सहयोग से प्रदेश में विलुप्त होती क्राफ्ट परंपराओं के संरक्षण और कारीगरों के प्रोत्साहन का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। इस पहल से 80,000 से अधिक महिलाएँ स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और पारंपरिक कौशल को नए अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जनपद अयोध्या में एक भी आंगनबाड़ी केंद्र नहीं था, वहाँ 75 नए आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रदेश भर के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए 50,000 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को 150 करोड़ रुपये की लागत से संसाधन-संपन्न बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेटियों को एचपीवी वैक्सीन लगाने का व्यापक अभियान चलाया गया है। अब तक 40,000 से अधिक बेटियों को यह वैक्सीन दी जा चुकी है, और पुलिस कर्मियों की बेटियों को भी इस अभियान से जोड़कर उन्हें सुरक्षित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए राजभवन की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिछले पाँच वर्षों में हज़ारों बच्चों और मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण पोटली प्रदान की गई है। इस सतत प्रयास के परिणामस्वरूप लगभग 4 लाख मरीज टीबी से मुक्त हो चुके हैं।

राज्यपाल ने कहा कि वह जब भी वृद्धाश्रमों, शिशु ग्रहों और जेलों का निरीक्षण करती हैं, तो वहाँ स्थानीय आवश्यकताओं को पहचानकर उन्हें पूरा करने की व्यवस्था की जाती है।

उन्होंने कहा कि यह सभी कार्य सीएसआर के माध्यम से किए जा रहे हैं, और इन अभियानों से प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों को भी जोड़ा गया है। विश्वविद्यालयों ने इन सामाजिक दायित्वों को बड़ी प्रतिबद्धता के साथ अपनाया है और महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य के विश्वविद्यालय नैक मूल्यांकन में सर्वाेच्च ग्रेड प्राप्त कर रहे हैं, जो प्रदेश की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति गंभीरता और सतत सुधार का प्रमाण है।

इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रदेश में किए जा रहे विभिन्न नवाचारों और राज्यपाल जी के मार्गदर्शन और प्रेरणा के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि इस संस्थान के विद्यार्थी आज दुनिया भर में चिकित्सा क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। केजीएमयू ने अपनी स्थापना से अब तक लगातार नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, इसलिए विश्व स्तर पर इस संस्थान का एक विशिष्ट स्थान है।

उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार द्वारा केजीएमयू को सभी आवश्यक संसाधन और सुविधाएँ उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष संस्थान को 1800 करोड़ रुपये प्रदान किए गए, जिससे मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ मिल सकें। चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक विशाल और जनसंख्या की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण प्रदेश है।

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है और सरकार पूरी गंभीरता से स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, उनके स्तर में सुधार तथा गुणवत्ता वृद्धि के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है और आगे भी स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सक्षम, सुलभ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाती रहेगी। वहीं

इस अवसर पर कुलपति पद्मश्री डॉ. सोनिया नित्यानंद, प्रमोटर आदित्य बिड़ला कैपिटल फाउंडेशन लिमिटेड पद्मभूषण राजश्री बिड़ला, फाउंडर-चेयरमैन कैनकिड्स किड्सकैन पूनम बगई, मैनेजिंग डायरेक्टर आदित्य बिड़ला कैपिटल फांउडेशन लिमिटेड विशाखा मूले,

विभागाध्यक्ष क्लीनिकल हिमेटोलॉजी विभाग केजीएमयू डॉ. एसपी वर्मा, चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर आदित्य बिड़ला कैपिटल फांउडेशन लिमिटेड शुभ्रो भादुड़ी, प्रवक्ता प्रो. केके सिंह समेत अन्य चिकित्सक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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