फायर मॉक ड्रिल, चलाया डिब्रीफिंग सत्र
आपातकालीन स्थिति से निपटने को मॉक ड्रिल

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल की गयी। गुरुवार को
एसजीपीजीआईएमएस के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में आपदा प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से फायर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसके पश्चात विस्तृत डिब्रीफिंग सत्र चलाया गया।
डिब्रीफिंग सत्र का आयोजन अभय भान पांडेय, सेवानिवृत्त पूर्व मुख्य अग्निशमन अधिकारी एवं वर्तमान में मेडांता हॉस्पिटल में मुख्य अग्निशमन अधिकारी, तथा मेजर (डॉ.) सौरभ सिंह, सहायक प्रोफेसर, विभाग अस्पताल प्रशासन की अध्यक्षता में किया गया।
इस अवसर पर डॉ. अनीट्टा जोसे एलेनकिल, डॉ. क्रिस अग्रवाल, डॉ. सुमंगल बोस, डॉ. दीक्षा, डॉ. कृतिका सिंह, डॉ. पूजा यादव, डॉ. अंकिता सेंगर, डॉ. पलक पाल, विजय यादव (टीओ, फायर सेफ्टी सर्विसेज), प्रभास झा (फायर इंचार्ज), एके राही (एई इलेक्ट्रिकल), कुलदीप यादव (जेई, एसी), डीके पांडेय (एएसओ) सहित अस्पताल की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम के सदस्य उपस्थित रहे।
इस अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक परिस्थितियों में प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना, संचालन संबंधी कमियों की पहचान करना तथा अस्पताल में अग्नि सुरक्षा के सर्वोत्तम उपायों को सुदृढ़ करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान अग्निकांड की स्थिति दर्शाई गई। जिसकी सूचना एक मिनट के भीतर कंट्रोल रूम को दे दी गई तथा दो मिनट के भीतर प्रथम प्रतिक्रिया दल घटना स्थल पर पहुंच गया।
टीम ने घबराहट जैसे माहौल के बावजूद मरीजों के सुरक्षित निकासी एवं बचाव कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया, जो टीमवर्क और तत्परता का सराहनीय उदाहरण रहा।
डिब्रीफिंग के दौरान कुछ सुधारात्मक बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। इनमें राहत एवं बचाव कार्य के साथ-साथ तत्काल आग पर नियंत्रण को प्राथमिकता देना, संचार प्रणाली को और सुदृढ़ बनाना तथा प्रथम प्रतिक्रिया दल को सटीक सूचना उपलब्ध कराना शामिल था।
इसके अतिरिक्त व्हीलचेयर जैसे आपातकालीन उपकरणों की बेहतर उपलब्धता, फायर एक्सटिंग्विशर के स्पष्ट संकेतक तथा आपात स्थिति में बिजली बंद करने से संबंधित स्पष्ट संचार व्यवस्था को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया कि आपातकालीन कोड स्पष्ट रूप से घोषित किए जाएं। विभिन्न कर्मियों की जिम्मेदारियां पूर्व निर्धारित जॉब कार्ड के माध्यम से तय हों तथा संकट की स्थिति में चिकित्सकीय, हाउसकीपिंग एवं तकनीकी टीमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।
बैठक के अंत में सभी सुधारात्मक सुझावों को शीघ्र लागू करने कर्मचारियों के प्रशिक्षण को और मजबूत करने तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई, ताकि मरीजों और अस्पताल कर्मियों की सुरक्षा हर समय सुनिश्चित की जा सके।
अस्पताल प्रशासन ने पुनः दोहराया कि नियमित मॉक ड्रिल और व्यवस्थित समीक्षा तंत्र किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में आपदा से निपटने की तैयारी को बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। जिससे किसी भी आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।



