40 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय मरीजों के उपचार में समर्पित
8 योग वैलनेस सेंटर व 6 आरोग्य मंदिर के माध्यम से वेलनेस बनाने की पहल जारी

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी के 40 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय द्वारा मरीजों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने में अहम् योगदान दें रहे हैं।
यह सभी चिकित्सालय जिले के विभिन्न क्षेत्रो में मरीजों को स्वस्थ जीवनशैली बनाने के लिए कार्य करने में समर्पित हैं।
ऐसे में प्रदेश स्तर पर मरीजों को नजदीक आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगभग 225 योग वेलनेस सेंटर और 1034 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित हैं। वहीं राजधानी में राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों के साथ 8 योग वेलनेस सेंटर और 6 आरोग्य मंदिर हैं।
यह सभी 6 आरोग्य मंदिरों को बीते वर्ष अक्टूबर 2024 में एनएबीएच का ख़िताब भी मिल चुका है। लखनऊ प्रदेश का पहला जिला होगा जो 6 आरोग्य मंदिरों को एनएबीएच सर्टिफिकेट मिला है। मिली जानकारी के अनुसार इन सभी चिकित्सालयों में प्रतिदिन लगभग 40 से 50 मरीजों को प्रतिदिन चिकित्सकीय सुविधा प्रदान की जाती है।
वहीं योग वेलनेस सेंटर पर योग प्रशिक्षक द्वारा सप्ताह के 6 दिन नियमित योग कक्षा, सामुदायिक योग शिविर, विद्यालय से लगाकर आस -पास के सभी क्षेत्रो में योग करने के लिए जागरूक अभियान चलाया जाता है। जिसमें जीवनशैली जनित रोगों से निजात दिलाने के लिए आहार दिनचर्या प्राणायाम का सुझाव भी दिया जाता है।
जैसे मानसिक तनाव, मोटापा, मधुमेह, अवसाद, उच्च रक्तचाप, जीवन से जुडी अन्य बीमारियों में सुधार बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों समेत सभी को जीवन शैली संबंधित जागरूक किया जाता है। वही चिकित्सालय में ब्लड प्रेशर शुगर प्रकृति परीक्षण और नाड़ी परीक्षण के साथ मरीजों की जाँच उपरांत आयुर्वेदिक चिकित्सक उपचार परामर्श की सुविधा दी जाती हैं।
केंद्रों पर आने वाले मरीजों के लिए आयुर्वेदिक औषधियों में चूर्णरूप में,काढ़ा, आयुर्वेदिक टैबलेट,सिरप, भस्म,स्फटिक भस्म, और दर्द निवारक तेल के द्वारा बीमारियों के अनुसार उपचार करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। जिले के 40 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में 17 किराये के भवन में चल रहें हैं और बाकी 23 विभाग के भवनो में स्थापित है।
वैसे भी अब लोगों का रुझान प्राकृतिक चिकित्सा की तरफ बढ़ रहा है। चाहे आयुर्वेदिक यूनानी, होम्योपैथिक, योग इन विधाओं की रफ़्तार बढ़ती दिख रहीं है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि आयुर्वेदिक केंद्र उपलब्ध हैं, फिर भी अधिकांश लोगों में बिना जानकारी का आभाव है। इसके लिए और अधिक जनजागरूकता अभियाने आवश्यकता देखी जा सकती है।
जिससे लोगों को योग वेलनेस केंद्रों का लाभ मिल सके। इस खबर में संलग्न फ़ाइल फोटो योग प्रशिक्षक डॉ प्रशांत शर्मा की है जो लोगों को योग करने के टिप्स दें रहें हैं। डॉ शर्मा जिला मास्टर योगा प्रशिक्षक भी हैं। इन्होंने योग के तौर तरीका सिखाने में महारत हासिल कर रखी है। यह संलग्न फ़ाइल फोटो कठवारा सेंटर की है।
जिसमें डॉ शर्मा महिलाओं को योग सिखाते हुए व उन्हें स्वास्थ्य लाभ की जानकारी दें रहें हैं। ज्ञात हो कि 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयुष विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेंनिंग प्रोग्राम में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉक्टर राज कुमार द्वारा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित भी किया गया है।
राजधानी के विभिन्न क्षेत्रो में आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में..
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय दखिनाशेखपुर,सचिवालय, चन्द्रावल, वस्तौली, ससपन, सिसवारा, एलडीए, कठवारा, अनौरा,
इस्माईलगंज, मोहनलालगंज, तेलीबाग, अलीगंज, भदोई, नटकुर, मडियांव, खुर्रमनगर, कटरा बक्कास, फरीदीनगर, समेसी, राजाजीपुरम, गढीकनौरा, गढ़का, गुडम्बा, बगंलाबाजार, भपटामऊ, विकासनगर, आर्यानगर,
गोसाइगंज, गोमतीनगर, हरौनी, कनार, पारा,
राजभवन, गढ़.की संजर खां, हाई कोर्ट, जवाहर भवन, विधानसभा, दारुलशफा, आयुष मिशन द्वारा मरीजो को उपचार प्रदान किया जाता है।



