फ़ाइलेरिया मच्छर-जनित रोग – डॉ एनबी सिंह
फाइलेरिया उन्मूलन को माल में मीडिया कार्यशाला

बिना किसी संकोच के दवा का करें अवश्य सेवन – डॉ गोपी लाल
लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाने की तैयारियां पूरी हो गयी। राष्ट्रीय फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सीएचसी माल में 10 से 28 फरवरी तक सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान संचालित किया जाएगा ।
यह जानकारी शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माल में आयोजित मीडिया कार्यशाला में दी गयी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.एनबी सिंह ने बताया कि वर्ष 2027 तक फ़ाइलेरिया उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आईडीए अभियान सरकार की प्राथमिकता है। फ़ाइलेरिया (हाथीपाँव) एक गंभीर, दीर्घकालिक एवं दिव्यांगता उत्पन्न करने वाला मच्छर-जनित रोग है, जो मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है।
जनपद के अन्य विकासखंडों में संक्रमण दर में उल्लेखनीय कमी आई है। इसलिए वहां इस वर्ष आईडीए अभियान संचालित नहीं किया जा रहा है।
आईडीए अभियान पाँच स्तम्भों पर आधारित..
👉 प्रत्यक्ष निगरानी में WHO-अनुशंसित आइवरमेक्टिन, डीईसी एवं एल्बेंडाजोल का दवा सेवन।
👉 रुग्णता प्रबंधन एवं रोकथाम।
👉 वेक्टर नियंत्रण।
👉 अंतर्विभागीय समन्वय एवं जन-आंदोलन
👉 डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से रियल-टाइम रिपोर्टिंग।
वहीं नोडल अधिकारी डॉ. गोपीलाल ने बताया कि आशा कार्यकर्ता जब दवा खिलाने आएं तो बिना किसी संकोच के दवा का सेवन अवश्य करें। फ़ाइलेरिया उन्मूलन के लिए कम से कम 90 प्रतिशत पात्र आबादी का दवा सेवन आवश्यक है, क्योंकि अधिकांश संक्रमित व्यक्ति लक्षणहीन वाहक होते हैं और अनजाने में संक्रमण फैलाते रहते हैं। साथ ही
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. रितु श्रीवास्तव ने बताया कि एक वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी पात्र व्यक्तियों को दवा दी जाएगी।
दवा स्वास्थ्यकर्मी के सामने ही खानी होगी और खाली पेट दवा नहीं लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि दवा सेवन के बाद चक्कर आना, जी मिचलाना या हल्का बुखार जैसे लक्षण सामान्य हैं और कुछ समय में स्वतः ठीक हो जाते हैं। यह शुभ संकेत हैं कि शरीर में फाइलेरिया के परजीवी थे और दवा सेवन की बाद उनके मरने के परिणामस्वरूप यह प्रतिक्रिया हुई है।
अभियान में तकनीकी सहयोग पाथ संस्था द्वारा तथा सामुदायिक जागरूकता के लिए पीसीआई एवं सीफॉर संस्थाओं द्वारा सहयोग प्रदान किया जा रहा है। पीएसपी प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीएचओ के नेतृत्व में जनजागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।
वहीं सीएचसी अधीक्षक डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि माल की लगभग 2.21 लाख लक्षित आबादी को अभियान के अंतर्गत आच्छादित किया जाएगा। इसके लिए 37 सुपरवाइज़र एवं 177 टीमें गठित की गई हैं।
आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर पात्र व्यक्तियों को अपने सामने दवा खिलाएंगी। दवा बाद में सेवन के लिए नहीं दी जाएगी। आवश्यक दवाओं एवं लॉजिस्टिक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। किसी आकस्मिक स्थिति के लिए ब्लॉक में 2 रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई है।
राम मनोहर लोहिया संस्थान के कम्युनिटी मेडिसिन के चिकित्सक डॉ.वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि जिन क्षेत्रों में संस्थान द्वारा दवा सेवन के उपरांत मूल्यांकन किया गया। वहाँ यह तथ्य सामने आया कि दवा सेवन से होने वाले लाभों के संबंध में लोगों में पर्याप्त जागरूकता का अभाव है। इसलिए आशा कार्यकर्ता लोगों को दवा सेवन के लिए जागरूक करें।
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में जन प्रतिनिधित्व..
डिस्ट्रिक्ट कोर ग्रुप(डीसीजी) के सदस्य मुडरिया के ग्राम प्रधान सुरेश कुमार ने कहना है कि स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा सेवन कर अभियान को शुरू करेंगे । जब ग्राम पंचायत के सभी लोग स्वस्थ होंगे तभी गाँव का विकास होगा । डीसीजी की सदस्य और कोटेदार संगीत गौतम ने कहा कि लोगों को दवा खिलाना है और फाइलेरिया को हराना है ।
फाइलेरिया मरीज मनोज कुमार ने बताया कि वह दो साल से इस बीमारी से पीड़ित हैं और वह सभी को फाइलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं दवा सेवन को लेकर जागरूक कर रह हैं। इस मौके पर सहायक मलेरिया अधिकारी बीके गौतम, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे, सीएचसी के अन्य कर्मचारी, सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि, डिस्ट्रिक्ट कोर ग्रुप (डीसीजी ) के सदस्य और मीडिया बंधु मौजूद रहे ।
फ़ाइलेरिया से बचाव के सरल उपाय..
👉 घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
👉 मच्छरदानी का नियमित प्रयोग करें।
👉 पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
👉 लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर या आशा से संपर्क करें
👉 जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 104 पर कॉल करें।



