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 गुरुकुलम के माध्यम से पुरातन संस्कृति को जगाने का उठाया बीड़ा

वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ रखी गुरुकुलम की आधारशिला 

 

 लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में पुरातन संस्कृति को जगाने का बीड़ा उठाया गया।

मंगलवार को आचार्य राजेश शुक्ल की अगुवाई में “ॐ कार्तिक वैदिक गुरुकुलम्” बेढ़ौना काकोरी आउटर रिंग रोड स्थित भूमि पूजन व शिलान्यास किया गया।

जिसे आचार्य राजेश शुक्ल, पत्नी आरती शुक्ला, पुत्री कुमारी वंशिका, पुत्र ओम शुक्ल द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सर्व प्रथम गौरी गणेश वरुण,षोडश मातृका,सप्तघृत मातृका,नान्दीमुख श्राद्ध ,सरस्वती , वेदों का पूजन कर भूमि व शिला पूजन किया। वहीं

आचार्य राजेश शुक्ल ने बताया कि गुरु कुलम स्थापित करने का उदेश्य शिक्षा से वंचित बालकों को योग्य शिक्षक द्वारा दक्ष बनाया जायेगा। जिसमें नित्य वैदिक बटुक बालकों द्वारा योग साधना,वेद पारायण,गीता का पाठ, यज्ञ, गौसेवा,श्री हरिनाम संकीर्तन किया जायेगा।

साथ ही प्रतिवर्ष सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार का भी आयोजन होगा। इसमें असहाय गरीब बालकों को शिक्षा प्रदान कर उन बालकों का भविष्य उज्ज्वल बनाने का बीड़ा उठाया गया है।

श्री आचार्य ने बताया कि आज हमने यही संकल्प लिया है कि हम अपने गुरुकुलम् के माध्यम् से भारतीय परम्परा विश्व शास्त्रीय ज्ञान और संस्कृति, संस्कार और शिक्षा का अनूठा संगम प्रकट कर बालकों के भविष्य को उज्ज्वल बना सकें।

गुरु कुलम में छात्र चारों वेदों में बनेंगे निपुण..

इस गुरुकुलम् में चारों वेदों का ज्ञान , गीता,रामायण, पुराणों आदि के ज्ञान के संग संग आधुनिक विषयो कि भी शिक्षा ,जैसे-अंग्रेजी, गणित ,विज्ञान ,सामाजिक विज्ञान ,संस्कृत,कंप्यूटर शिक्षा दी जाएंगी ।

गुरुकुलम में बच्चों को योग्य अध्यापकों द्वारा प्रत्येक विषयों का अध्ययन कराया जायेगा। श्री शुक्ल ने कहा हमारी प्राचीन भाषा संस्कृत जो कि भगवान शिव के डमरू से 14 सूत्रों के माध्यम से जगत् में विख्यात है ।

भगवान शंकर के डबरू ने निकले स्वर जिसमें अइउण् ,ऋलृक् ,एओङ् , ऐऔच् , हयवरट् , लण् , ञमङणनम् , झभञ् , घढधष् , जबगडदश् , खफछठथचटतव् , कपय् , शषसर् , हल् । इति माहेश्वर सूत्र ।

इन्हीं सूत्रों द्वारा महर्षि पाणिनि ने अष्टाध्यायी ग्रंथ लिखा। जिससे आज भी व्याकरण पढ़ाई जाती है। आजकल वेदों का ज्ञान लुप्तप्राय हो गया है। उन्होंने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए हम गुरु शिष्य परम्परा को पुनः स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं।

समाज में संस्कारों का ज्ञान भी समाप्त हो रहा है। गुरुकुलम् के माध्यम् से बच्चे जब पढ़ेगे तो उनको संस्कारों के विषय में ज्ञान होगा और हमारा देश पुनः सोने की चिड़िया बनने से कोई नहीं रोक सकता है।

इस अवसर पर आचार्य गोविंद शर्मा , पंडित श्याम शंकर द्विवेदी, पंडित शिव मूरत तिवारी, पंडित उमेश पाठक ने पूजन कार्य विधि पूर्वक सम्पन्न करवाया।

भूमि पूजन के दौरान मुख्य रूप से प्रमोद चौधरी, अन्नू मिश्रा, अभिज्ञान चौधरी,मुन्ना मिश्रा ,परिमल मिश्रा, डॉक्टर सौरभ वैसवार , प्रवीण मिश्रा,अंकुर दीक्षित, रिद्धि किशोर गौड़ ,प्रदीप कुमार वर्मा ,मोहित शर्मा ,

पंडित नीरज अवस्थी,सुनील शुक्ला,पवन, पंडित अंशुमान त्रिवेदी,कृष्णा शंकर शर्मा, राकेश त्रिपाठी,संजय त्रिवेदी,शशांक मिश्रा ,देवनारायण शुक्ल, पंडित अमन शुक्ल, धर्मेंद्र कुमार (ठेकेदार),अजय शुक्ल, राकेश, ठाकुर विजय सिंह, अमित वर्मा, मल्लिका गुप्ता,रिया पाठक,शशि शुक्ला,दिव्या शुक्ला सहित स्थानीय लोग शामिल रहे।

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