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 नमो घाट पर लगी ‘काशी तमिल संगमम प्रदर्शनी

डॉ. एल. मुरुगन ने प्रदर्शनी का फीता काटकर किया उद्घाटन

 

मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन, सराहा

वाराणसी। लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। वाराणसी के नमो घाट पर ‘काशी तमिल संगमम प्रदर्शनी लगाई गयी।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की इकाई केंद्रीय संचार ब्यूरो लखनऊ द्वारा काशी एवं तमिलनाडु की महान विभूतियों के जीवन दर्शन तथा केंद्र सरकार द्वारा जन कल्याण के लिए किये जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई है। मंगलवार को

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय मामलों के राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसके उपरांत प्रदर्शनी को आम लोगों के लिए खोल दिया गया। यह प्रदर्शनी 15 दिसंबर तक निरंतर रहेगी। वहीं

प्रदर्शनी के पहले दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पुडुचेरी के उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक समेत अन्य लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा आयोजित प्रदर्शनी को सराहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा इससे आम लोग काशी एवं तमिल की संस्कृतियों के साथ – साथ सरकार द्वारा जन कल्याण के लिए किये जा रहे प्रयासों से अवगत होंगे।

तमिलनाडु से आये हुए पत्रकार दल तथा काशी तमिल संगमम् की कवरेज कर रहे पत्रकारों तथा बड़ी संख्या में आम लोगों द्वारा भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया।

काशी और तमिलनाडु के बीच सदियों पुराने संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने वाले ‘काशी तमिल संगमम्’ के इस चतुर्थ संस्करण में केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा लगायी गयी चित्र प्रदर्शनी में तमिलनाडु एवं काशी की महान विभूतियों के राष्ट्र निर्माण में योगदान एवं उनकी उपलब्धियां को दर्शाया गया है।

चित्र प्रदर्शनी में महान विभूतियों को दर्शाया..

चित्र प्रदर्शनी में तमिलनाडु की महान विभूतियों जैसे ऋषि अगस्त्य, तमिल महिला कवि संत अव्वैयार, तमिल कवि संत तिरुवल्लुवर, कवयित्री और संत कारैकल अम्माइयार, भक्ति आंदोलन की कवि एवं संत अंडाल (कोधाई), थिरूनावुक्कारसर,

तमिल कवि और समाज सुधारक श्री रामलिंग स्वामी (वल्लालर), तमिल विद्वान यू. वी. स्वामीनाथ अय्यर, अग्रणी समाज सुधारक, चिकित्सक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, ब्रिटिश भारत में पहली महिला विधायक डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी,

गणितज्ञ श्री निवास रामानुजन, अविष्कारक और उद्योगपति जीडी नायडू, खगोलशास्त्री सुब्रमण्यम चंद्रशेखर, भारत में हरित क्रांति के जनक डॉ. एमएस स्वामीनाथन, भारत के पूर्व राष्ट्रपति मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, नोबेल पुरस्कार विजेता

वेंकटरामन रामकृष्णन, स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं महान दार्शनिक डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन, नोबेल पुरस्कार विजेता एवं महान वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रमन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सुप्रसिद्ध राजनेता एवं भारत रत्न के. कामराज, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं सुप्रसिद्ध राजनेता चिदंबरम सुब्रमण्यम, महान अभिनेता एवं राजनेता

एमजी रामचंद्रन इत्यादि के जीवन दर्शन को चित्रों एवं शब्दों में दर्शाया गया है। इसी क्रम में काशी की महान विभूतियां जैसे संत कबीरदास, संत रविदास, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं शिक्षाविद पंडित मदन मोहन मालवीय, सुप्रसिद्ध शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खान,

विश्व प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकार पंडित रविशंकर, महान साहित्यकार जयशंकर प्रसाद इत्यादि के जीवन दर्शन को चित्रों शब्दों के माध्यम से दर्शाया गया है।

चित्र प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किये जा रहे सरकार के जन कल्याणकारी नीतियों, प्रयासों एवं योजनाओं को भी दर्शाया गया है। जिसमें केंद्र सरकार द्वारा हाल में श्रम सुधार के लिए बनाये गये कानूनों,

विभिन्न वस्तुओं एवं सेवाओं पर जीएसटी के दरों को कम करने के लिये किए गये प्रयासों की जानकारी दर्शकों और जनसामान्य के लिए प्रदर्शित की गई है।

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