चिकित्सीय सेवाओं की बैकबोन नर्सिंग स्टाफ पैरामेडिक्स – योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने 665 नर्सिंग अधिकारियों को बांटे नियुक्ति पत्र


ब्रजेश पाठक, मयंकेश्वर शरण सिंह, अमित घोष डॉ. सीएम सिंह रहे मौजूद
लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। मुख्यमंत्री ने नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र का वितरण किया। रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान पहुंचे।
जहाँ उन्होंने संस्थान की सेवा में समर्पित नवनियुक्त 665 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने सभी नर्सिंग अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि चिकित्सा सेवाओं की बैकबोन नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिक्स है। उन्होंने कहा कि
‘नए उत्तर प्रदेश’ में जीरो टॉलरेंस सिर्फ अपराध और अपराधियों के प्रति ही नहीं बल्कि करप्शन के लिए भी है और उत्तर प्रदेश सरकार पहले दिन से पूरी ट्रांसपेरेंसी और जीरो करप्शन के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत नियुक्ति पत्र वितरित किये।
यह कार्यक्रम एक पारदर्शी एवं मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया के सफल समापन का प्रतीक है, जिसमें देशभर से प्राप्त लगभग 47,000 आवेदनों में से 665 नर्सिंग अधिकारियों का चयन किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा सेवा में संवेदनशीलता और समर्पण आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों को बधाई देते हुए उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वहन निम्न मूल्यों के साथ करने का आह्वान किया। नर्सिंग अधिकारियों का ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ सेवा और रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और सहानुभूति तथा व्यावसायिक दक्षता और अनुशासन है।
उन्होंने कहा कि नर्सिंग स्टाफ स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ है और उनके व्यवहार से ही मरीजों का विश्वास और उपचार की गुणवत्ता निर्धारित होती है।
मुख्यमंत्री ने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने अल्प समय में उल्लेखनीय प्रगति की है। यहां 250 से अधिक रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं
। 250 से अधिक किडनी ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं। संस्थान जल्द ही गामा नाइफ तकनीक से सुसज्जित होने वाला प्रदेश का अग्रणी संस्थान बनेगा।
उन्होंने संस्थान की उन्नत चिकित्सा सेवाओं, नवाचार और रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण की सराहना की। साथ ही
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वास्थ्य ढांचे को रही नई मजबूती मिल रही है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि नर्सिंग अधिकारियों की यह नियुक्ति रोगी देखभाल सेवाओं को और मजबूत बनाएगी। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक तकनीक और दक्ष मानव संसाधन से सुसज्जित करने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्थान आज एक मॉडल संस्थान के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने संस्थान की प्रगति की सराहना करते हुए भविष्य में और सहयोग का आश्वासन दिया। इसी क्रम में चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि पारदर्शी भर्ती और युवा सशक्तिकरण का उदाहरण है। चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि इस चयन प्रक्रिया को सुशासन और पारदर्शिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि यह भर्ती प्रक्रिया सरकार की रोजगार सृजन और स्वास्थ्य सेवा सुदृढ़ीकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। युवा नर्सिंग अधिकारी भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। देशभर में आयोजित परीक्षा प्रक्रिया इसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता को सिद्ध करती है।
संस्थान के निदेशक प्रो सीएम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम केवल नियुक्ति पत्र वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने संस्थान की कार्यप्रणाली के प्रमुख आधारों को रेखांकित किया। जिसमें रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण
,उच्च गुणवत्ता वाले उपचार प्रोटोकॉल,क्लिनिकल अनुशासन और त्वरित सेवा।
उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान निरंतर प्रयासरत है कि मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार मिले। सेवाओं की गुणवत्ता बनी रहे,प्रत्येक मरीज को सम्मानजनक और संवेदनशील सेवा प्राप्त हो,
साथ ही उन्होंने भविष्य की अवसंरचना योजनाओं का भी उल्लेख किया।
665 नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति से स्वास्थ्य सेवाओं को मिली मजबूती
उन्होंने कहा कि अस्पतालों की मानव संसाधन क्षमता बढ़ेगी। रोगी देखभाल की गुणवत्ता में सुधार होगा। सेवाओं की तेजी और दक्षता में वृद्धि होगी।
कार्यक्रम के अंत में नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा गया। “आपका व्यवहार मरीज का विश्वास बनाएगा। “आपकी सेवा संस्थान की पहचान बनेगी। आपका समर्पण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता तय करेगा।



