उत्तर प्रदेशजीवनशैलीबड़ी खबर

एमसी सक्सेना कॉलेज में खाना खाकर दो दर्जन से अधिक बच्चे बीमार,अस्पताल में भर्ती

 मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गठित की जांच टीम

 

 लखनऊ भारत प्रकाश न्यूज़। इमरजेंसी मेडिकल ट्रेनिंग कर रहे बच्चे खाना खाकर एकाएक बीमार हो गए और बच्चों ने सजगता दिखाते हुए एम्बुलेंस की मदद लेकर अस्पताल में भर्ती हुए।

मामला आईआईएम रोड स्थित एमसी सक्सेना कॉलेज में छोले चावल रोटी खाकर एक -एक करके उल्टी दस्त होने से बीमार बच्चों का है। जहाँ बीते बुधवार की रात्रि करीब 8:15 बजे सभी इमरजेंसी मेडिकल ट्रेनिंग करने वाले बच्चे खाना खाते ही बीमार होने लगे।

हालत बिगड़ती देख बच्चों ने एम्बुलेंस को कॉल करना शुरू किया और बलरामपुर अस्पताल संयुक्त टीबी अस्पताल ठाकुरगंज से लगाकर इधर उधर अस्पतालों में बच्चे भर्ती हो गए। जिसका इलाज अस्पताल में किया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार करीब 28 से 30 बच्चे खाना खाते ही बीमार हुए हैं।

बताया जा रहा है कि छोला रोटी खाते ही उल्टी दस्त शुरू हो गयी थी। बच्चों की सजगता से इधर उधर अस्पतालों में शिफ्ट हो गए।जिसमें टीबी अस्पताल में तीन बच्चे भर्ती हुए और 18 बच्चे बलरामपुर अस्पताल में भर्ती हैं। उनका इलाज किया जा रहा है। जिसमें ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय में 3 बच्चे भर्ती हुए। उसमें एक बच्चा ठीक होकर डिस्चार्ज कर दिया गया है।

वहीं मेडिकल रिपोर्टर द्वारा कॉलेज की वेबसाइट नंबर पर कई बार कॉल कर जानकारी लेनी चाही और कोई रिस्पांस नहीं मिला। जिसका नंबर 9670 609265 जो कॉलेज प्रशासन धर्मेंद्र गौड़ का बताया जा रहा। उन्होंने फ़ोन उठाना वाजिब ही नहीं समझा।ज्ञात हो कि इसके पहले भी इस कॉलेज में कई आरोप लग चुके है।

यहाँ तक कि अस्पताल की मान्यता लेने के लिए मजदूरों को जबरिया भर्ती करने के आरोप लगे थे। वहीं जब एम्बुलेंस इएमआरआई एम्बुलेंस की ट्रेनिंग करने वाले बच्चों से 45 हज़ार रूपये भी लिया गया और खाना जहरीला खिलाने के आरोप लग रहें हैं। वहीं खाना खाते ही बच्चों की एक -एक कर बच्चों की तबियत बिगड़ने का आखिर क्या कारण हो सकता है क्या खाने में कोई मिलावट या कोई और कारण यह सभी सवाल उठ रहें हैं।

जब बच्चों ने 40 दिन की ट्रेनिंग के लिए 45 हज़ार रूपये जमा किये तो वह किस लिए जमा कराया गया, जब उन्हें शुद्ध खाना भी नहीं खिलाया जा सकता है। ज्ञात हो कि यह सभी इमरजेंसी मेडिकल ट्रेनिंग के लिए 45 हज़ार रुपए

जमा किए जो अलग-अलग जिलों से बच्चे ट्रेनिंग में शामिल हुए हैं। बताया जा रहा है यह ट्रेनिंग 40 दिनों यानि 13 फरवरी तक चलेगी। ऐसे ही रहा तो बच्चों को आखिर कौन देखरेख करेगा। जिससे उन्हें बढ़िया खाना मिल सके।

एमसी सक्सेना कॉलेज में खाना खाने से मेडिकल ट्रेनिंग कर रहे बच्चों में उल्टी दस्त की शिकायत की जाँच के लिए टीम गठित कर दी गयी है। जाँच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

डॉ एनबी सिंह

मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखनऊ

 

अस्पताल में बुधवार की रात्रि 15 बच्चे भर्ती हुए और 3बच्चे गुरुवार की सुबह भर्ती हुए हैं। सभी भर्ती बच्चों का इलाज चल रहा है।

डॉ कविता आर्या

निदेशक बलरामपुर अस्पताल लखनऊ

 

“अस्पताल में तीन बच्चे उल्टी दस्त के कारण भर्ती हुए हैं, उसमें एक बच्चे को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है। दो बच्चे अभी भर्ती हैं, उनका इलाज चल रहा है।

 

डॉ. एसपी सिंह

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक

संयुक्त चिकित्सालय ठाकुरगंज लखनऊ

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button