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केजीएमयू के प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार ने लगाई मुहर

केजीएमयू में टेली मेडिसिन सेवाओं को उत्कृष्ट केंद्र स्थापित करने की मिली मंजूरी

केजीएमयू के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार ने लगाई मुहर

 

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। उत्तर प्रदेश सरकार ने केजीएमयू के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। गुरुवार को प्रदेश सरकार द्वारा केजीएमयू में “टेलीमेडिसिन सेवाओं के लिए उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना करने के लिए स्वीकृति प्रदान की है।

बता दें कि यह प्रस्ताव संस्थान डॉ. शीतल वर्मा, नोडल इंचार्ज, टेलीमेडिसिन यूनिट द्वारा कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद के मार्गदर्शन में प्रस्तुत किया गया था। इस पहल का उद्देश्य राज्यभर में ई-संजीवनी प्लेटफॉर्म 2.0 के माध्यम से टेली-परामर्श सेवाओं की गुणवत्ता को सुदृढ़ करना है।

इस परियोजना को बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (BMGF) से अनुदान सहायता भी प्राप्त हुई है, जो परियोजना के संचालन में सहयोग प्रदान करेगा। यह पहल उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच, गुणवत्ता एवं समानता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

टेलीहेल्थ ने विशेष रूप से दूरदराज़ और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ई-संजीवनी प्लेटफॉर्म इस परिवर्तन की अग्रिम पंक्ति में रहा है। टेली-परामर्श की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के महत्व को ध्यान रखते हुए प्रदेश सरकार ने केजीएमयू द्वारा प्रस्तुत इस व्यापक और दूरदर्शी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।

प्रमुख हितधारकों और विशेषज्ञों के परामर्श से तैयार इस प्रस्ताव में राज्य में टेलीमेडिसिन सेवाओं से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों के समाधान तथा गुणवत्ता सुधार के लिए बहुआयामी रणनीति प्रस्तुत की गई है। स्वीकृत प्रस्ताव में

संस्थान में टेलीमेडिसिन सेवाओं के लिए उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना

टेली-परामर्श की गुणवत्ता की निगरानी के लिए मेंटर्स एवं ग्रुप प्रैक्टिस मैनेजर्स की तैनाती स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए प्रशिक्षण सामग्री एवं मानक संचालन प्रक्रियाओं का विकास

नैदानिक एवं प्रलेखन गुणवत्ता सुनिश्चित करने व गुणवत्ता ऑडिट एवं मूल्यांकन की व्यवस्था विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार एवं नवीन टेलीमेडिसिन नवाचारों की खोज

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) एवं सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग जैसे सहयोगी संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करेगा। वहीं संस्थान कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा

“यह ऐतिहासिक पहल स्वास्थ्य सेवा वितरण में तकनीक के प्रभावी उपयोग के प्रति उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। टेली-परामर्श की गुणवत्ता में सुधार के माध्यम से राज्य का उद्देश्य रोगी देखभाल को बेहतर बनाना, संसाधनों का प्रभावी उपयोग करना तथा शहरी–ग्रामीण स्वास्थ्य असमानताओं को कम करना है। साथ ही

डॉ. शीतल वर्मा, नोडल इंचार्ज टेलीमेडिसिन यूनिट ने कहा,

“इस परिवर्तनकारी प्रस्ताव की स्वीकृति की घोषणा करते हुए हमें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। यह उत्तर प्रदेश में टेलीमेडिसिन उत्कृष्टता के एक नए युग की शुरुआत है।

रणनीतिक सहयोग और समन्वित प्रयासों के माध्यम से हम स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों को ऊँचा उठाने और राज्य के प्रत्येक नागरिक तक समान रूप से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

स्वीकृत प्रस्ताव का क्रियान्वयन शीघ्र ही चरणबद्ध तरीके से प्रारंभ किया जाएगा, ताकि दीर्घकालिक और सतत प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके। स्वास्थ्य नवाचार और समावेशी सेवाओं की दिशा में आगे बढ़ते हुए, ई-संजीवनी प्लेटफॉर्म 2.0 उत्तर प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ टेलीमेडिसिन सेवाओं का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

इस परियोजना के संचालन में Jhpiego तथा बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा सहयोग प्रदान किया जाएगा।

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