पैलिएटिव केयर विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन
कैंसर एड सोसाइटी के सहयोग सें किया सम्मेलन

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में पैलिएटिव केयर विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सोमवार को एरा यूनिवर्सिटी लखनऊ में नेशनल एसोसिएशन ऑफ पैलिएटिव केयर फॉर आयुष एंड इंटीग्रेटिव मेडिसिन- एनएपीसीएआईएम के दो-दिवसीय चौथे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत की गयी।
यह सम्मेलन कैंसर एड सोसाइटी के सहयोग सें किया गया। जिसका मुख्य विषय पैलिएटिव केयर मॉडर्न मेडिसिन को आयुष और सीएएम के साथ इंटीग्रेट करना है।
इसमें गंभीर रूप से बीमार और दूसरे ऐसे मरीज़ों की ज़िंदगी स्वस्थ रूप सें बेहतर बनाना है। सम्मेलन में भारत के अलग-अलग राज्यों सें आये डॉक्टरो, नीति विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और चिकित्सा जगत के दिग्गजों ने भाग लिया।
इन विशेषज्ञों ने पैलिएटिव केयर में आधुनिक चिकित्सा को आयुष और सीएएम के साथ एकीकृत करना है, विषय पर विस्तृत चर्चा की। वहीं
उद्घाटन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ केबी लिंगेगौड़ा, एरा यूनिवर्सिटी के कुलपती डॉ अब्बास अली महदी, डॉ तरुणा, डॉ सिराज, डॉ फरज़ाना, डॉ अनिल अग्रवाल, डॉ डीपी गुप्ता और अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर सरस्वती वंदना सें किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ केबी लिंगेगौड़ा ने कहा गंभीर रूप से बीमार मरीजों के साथ-साथ अन्य मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए आयोजित इस तरह के सम्मेलन चिकत्सा क्षेत्र में बहुत बड़ी उपाधि है।
करन, अपर्जिता, बिमलेश ने पैलिएटिव केयर विषय पर पॉट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किये। प्रीती, एके सिंह और राजेश ने अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर व फूल गुलदस्ता देकर सम्मानित किया।
नेहा त्रिपाठी, निदेशक कैंसर एड सोसाइटी ने बताया इस सम्मेलन का उद्देश्य पैलिएटिव केयर में आधुनिक चिकित्सा को आयुष और सीएएम के साथ एकीकृत करना है। जिसकी देश भर में भारी मांग होने के बावजूद कमी है। जिससे गंभीर रूप से बीमार मरीजों का शोषण होता है, जो मरीज असहनीय दर्द और अन्य परेशान करने वाले लक्षणों से पीड़ित हैं।
सस्ती दर्द निवारक दवाएं और पैलिएटिव केयर आधुनिक चिकित्सा को आयुष के साथ एकीकृत करके और आयुष डॉक्टरों को पूरे भारत में पैलिएटिव केयर का अभ्यास करने के लिए सशक्त बनाकर उनके कष्टों को कम कर सकते हैं।
आयुष (आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) प्रणालियों की पैलिएटिव केयर में महत्वपूर्ण भूमिका है। आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ पुरानी और जानलेवा बीमारियों का सामना कर रहे
मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए पैलिएटिव केयर में हस्तक्षेप के साथ एकीकरण समय की आवश्यकता है। जिसके लिए यह सम्मेलन विचार-विमर्श और विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण मंच होगा। क्योंकि देश भर में ऐसी कोई पहल मौजूद नहीं है। डॉ पीयूष गुप्ता ने सभी अतिथियों को धन्यवाद कर आभार प्रकट किया।



