मेटास्टेटिक स्तन कैंसर में एचईआर2 की बदलती भूमिका की पैनल चर्चा
ब्रेस्ट कैंसर केसेज विषय डॉक्टरों का मंथन

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। स्तन कैंसर विषय पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पैनल चर्चा की।
रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के एंडोक्राइन सर्जरी विभाग एवं मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “बियॉन्ड द बेसिक्स: मल्टीडिसिप्लिनरी मैनेजमेंट ऑफ चैलेंजिंग ब्रेस्ट कैंसर केसेज” विषय पर सीएमई का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का समन्वय आयोजन सचिव डॉ. सराह इदरीस एवं डॉ. अश्विनी रहलकर ने किया। जबकि डॉ. रजनी साह ने कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई।
हाइब्रिड मोड में आयोजित इस शैक्षणिक कार्यक्रम में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से लगभग 100 चिकित्सकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य स्तन कैंसर के जटिल मामलों पर चर्चा करना तथा उनके उपचार में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और नवीनतम उपचार विकल्पों पर विचार-विमर्श करना था।
कार्यक्रम में ट्रिपल निगेटिव, हार्मोन रिसेप्टर पॉजिटिव एवं एचईआर2 पॉजिटिव स्तन कैंसर के जटिल मामलों के साथ-साथ कैंसर उपचार के दौरान प्रजनन क्षमता सुरक्षित रखने तथा मेटास्टेटिक स्तन कैंसर के प्रबंधन पर चर्चा की गई।
देशभर के प्रमुख केंद्रों, जहां बड़ी संख्या में स्तन कैंसर के मरीजों का उपचार किया जाता है, के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए और भारतीय मरीजों के उपचार में आने वाली विशिष्ट चुनौतियों को प्रस्तुत किया।
चर्चा का एक महत्वपूर्ण पहलू पश्चिमी देशों में निर्धारित उपचार दिशानिर्देशों को भारतीय परिस्थितियों में लागू करने की व्यावहारिकता का मूल्यांकन करना रहा।
विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि उपचार संबंधी निर्णय लेते समय भारतीय मरीजों की विशिष्ट आवश्यकताओं, उपलब्ध स्वास्थ्य संसाधनों और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखना आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंतर्गत “मेटास्टेटिक स्तन कैंसर में एचईआर2 की बदलती भूमिका” विषय पर एक विशेष पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। जिसमें उपचार के उभरते विकल्पों और बदलती चिकित्सकीय रणनीतियों पर विचार-विमर्श हुआ।
इस सीएमई ने विभिन्न विशेषज्ञताओं के चिकित्सकों को अपने अनुभव साझा करने तथा जटिल मामलों के उपचार में सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने का अवसर प्रदान किया।
विशेषज्ञों और प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बनाया। कार्यक्रम का आयोजन इंडियन एसोसिएशन ऑफ एंडोक्राइन सर्जन्स के तत्वावधान में किया गया।



