एच1एन1 इंफ्लूएंजा संक्रमण को ले अस्पतालों में बेड आरक्षित
निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटरों को निर्देश जारी

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में मौसमी बुखार और एच1एन1 इंफ्लूएंजा संक्रमण को लेकर अस्पतालों में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने के साथ आवश्यक तैयारियां पूरी की।
जिसमें एच 1 एन 1संक्रमण के एक मरीज राम मनोहर लोहिया अस्पताल और दो मरीज बलरामपुर अस्पताल में भर्ती हैं।
शनिवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एनबी सिंह ने बताया कि संक्रमण की जांच और इलाज को लेकर केंद्र सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के बारे में निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटरों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जानकारी दी गई है।
सभी जिला अस्पतालों में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में भी एच1एन1 की स्थिति और इससे बचाव के उपायों पर चर्चा की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाये हुए है। सभी जिला स्तरीय अस्पतालों में जाँच और दवा निःशुल्क है।
सीएमओ ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के हेल्पलाइन नम्बर 0522-2622080 पर संपर्क किया जा सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बुखार, जुकाम, खांसी या इस तरह के दूसरे लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर डॉक्टर से सलाह लें और जरूरत पड़ने पर जांच और इलाज कराएं। उन्होंने लोगों से खुद दवा लेने या किसी अप्रशिक्षित व्यक्ति से इलाज कराने से बचने की भी अपील की।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अपील की है कि एच1एन1 को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। अनावश्यक पैनिक से बचें और बीमारी से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक और भरोसेमंद स्रोतों पर ही विश्वास करें।
जानें इंफ्लूएंजा एच1एन1के बारे में..
इंफ्लूएंजा एक सामान्य वायरल बीमारी है, जो इंफ्लूएंजा वायरस के कारण होती है। एच1एन1 इसी वायरस का एक प्रकार है और यह मुख्य रूप से सांस से जुड़ी बीमारी पैदा करता है। इसके लक्षणों में बुखार, खांसी, नाक बहना, गले में खराश, सिर दर्द, बदन में दर्द, ठंड लगना, आंखों में लालिमा
एक से चार दिन का होता है। इन्क्यूबेशन पीरियड
एच1एन1 वायरस से संक्रमित होने के बाद आमतौर पर दो से तीन दिन में लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इसका इन्क्यूबेशन पीरियड एक से चार दिन तक हो सकता है। कुछ मामलों में यह अवधि सात दिन तक भी हो सकती है।
संक्रमण फैलने का कारण..
एच1एन1 एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने और छींकने के दौरान निकलने वाली संक्रमित बूंदों के जरिए फैल सकता है। इसके अलावा संक्रमित वस्तुओं या सतहों को छूने, हाथ मिलाने और हाथों की ठीक से सफाई न करने से भी संक्रमण फैलने का खतरा रहता है।
इन्हें सावधानी बरतने की जरूरत..
👉 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग।
👉 गर्भवती महिलाएं।
👉 रक्त संबंधी बीमारी, डायबिटीज, तंत्रिका तंत्र की बीमारी, कैंसर या एचआईवी, एड्स से पीड़ित लोग।
👉 फेफड़े, हृदय, किडनी या लीवर की बीमारी से पीड़ित लोग।
👉 लंबे समय से कॉर्टिसोन जैसी दवाओं का इलाज ले रहे मरीज।
बचाव के उपाय..
👉 खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को कपड़े या रुमाल से ढकें।
👉 बातचीत करते समय करीब एक से डेढ़ मीटर की दूरी बनाए रखें।
👉 हाथ मिलाने से बचें।
👉 हाथ मिलाने या संक्रमित वस्तु को छूने के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं।
👉 भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
👉 बुखार, खांसी या जुकाम जैसे लक्षण होने पर खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लें।



