उत्तर प्रदेशजीवनशैलीबड़ी खबर

स्वस्थ जीवन शैली को खानपान में करें सुधार – मुकेश शर्मा 

शारीरिक श्रम, स्क्रीन टाइम व जंक फ़ूड से बनाये दूरी 

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़ । जीवनशैली से बिगड़ते स्वास्थ्य सुधार के बारे में सचेत किया गया।

सोमवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य पर पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर मुकेश शर्मा ने लोगों को सचेत करते हुए बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं में निरंतर बढ़ोत्तरी के बाद भी हृदय रोग, डायबिटीज और कैंसर जैसी तमाम बीमारियां आज तेजी से पांव पसार रही हैं।

इन बीमारियों की वजह से देश में हर साल लाखों लोग असमय जान गँवा देते हैं। बढ़ता मोटापा भी इन बीमारियों के जोखिम को बढ़ा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन बीमारियों को करीब से देखा जाए तो इनको बढ़ाने का काम हमारी अनियमित जीवन शैली कर रही है। जंक फ़ूड को अपनाना और शारीरिक श्रम व व्यायाम से मुंह मोड़ना भी इसका एक बड़ा कारण है।

श्री शर्मा का कहना है कि बेहतर स्वास्थ्य के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए ही हर साल सात अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। हर किसी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मुहैया कराने को लेकर विशेष योगदान देने वाले चिकित्सकों के प्रति आभार जताने का भी यह खास दिन है।

इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुँच भी सुनिश्चित करना इस दिवस का मकसद है। इस साल इस खास दिवस की थीम-“ स्वास्थ्य के लिए एकजुट- विज्ञान के साथ खड़े रहें” तय की गयी है।

इस थीम का मकसद सिर्फ व्यक्ति के अपने स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है बल्कि अपने ग्रह (पृथ्वी) के साथ जीव-जंतुओं और पौधों को भी बेहतर स्वास्थ्य मुहैया कराने के लिए एकजुट होने से है। इसके लिए वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने पर भी जोर देना है।

श्री शर्मा का कहना है कि ‘स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है’ कहावत भी चरितार्थ करती है कि जीवन में प्रगति करना है, नया मुकाम हासिल करना है तो शरीर के साथ मस्तिष्क का भी पूर्ण स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। इसके लिए ध्यान, योग और प्राणायाम को जीवन का अहम हिस्सा बनाना होगा।

जंक फ़ूड की जगह अपनी पौष्टिक भारतीय थाली को तरजीह देना होगा। खाने की थाली को संतुलित करना हमारे स्वास्थ्य को संतुलित करने के समान है।

खाने की थाली में अगर एक चौथाई भाग सलाद का, एक चौथाई हरी सब्जी का, एक चौथाई भाग दाल और प्रोटीन का तथा एक चौथाई मिलेट युक्त कार्बोहाइड्रेट का हो तो भोजन संतुलित माना जाता है। इसी के साथ दिन भर पर्याप्त पानी पीना स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होता है।

भागदौड़ भरी जिन्दगी में देर रात तक जागने और सुबह देर से उठने की आदत ने जीवन शैली को ही बदलकर रख दिया है। इस कारण से तनाव समेत कई बीमरियां असमय घेर ले रही हैं।

मोबाइल, लैपटॉप और टीवी की स्क्रीन के साथ सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर घंटों आँख गड़ाए रहने के कारण भी आँखों की रोशनी के साथ ही एकाग्रता में भी कमी आ रही है। मोटापा बढ़ने का भी यह एक प्रमुख कारण बन रहा है। दूषित पानी और अस्वच्छता के कारण भी डायरिया जैसी कई बीमारियाँ फ़ैल रही हैं।

हाथों की स्वच्छता के बारे में भी हर किसी को जागरूक होना जरूरी है क्योंकि कई संक्रामक बीमारियाँ दूषित हाथों से खाना खाने से फैलती हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button