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पूरी आबादी की जननी महिला,पूरे परिवार की ताकत – डॉ ज्योति 

महिला दिवस के उपलक्ष्य में स्वास्थ्य परिचर्चा

 

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य संबंधित जानकारी साझा की।

गुरुवार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में अवध गर्ल्स डिग्री कालेज के सभागार में ‘आधी आबादी को दें बेहतर सेहत का उपहार’ विषय पर स्वास्थ्य परिचर्चा आयोजित की गयी। पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) के सहयोग से आयोजित परिचर्चा की अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्या डॉ. बीना राय ने किया।

सभागार में सैकड़ों की तादाद में मौजूद छात्राओं और शिक्षिकाओं को चिकित्सकों ने स्वस्थ रहने के जरूरी टिप्स दिए ताकि उनके हौसलों को उड़ान मिल सके और वह सुनहरे भविष्य निर्माण के लिए संजोए सपनों को साकार कर सकें।

पीएसआई इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मुकेश शर्मा ने कहा कि नारी उत्थान के लिए किये गए तमाम प्रयासों का ही नतीजा है कि आज आधी आबादी राष्ट्र को एक नई दिशा प्रदान कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि सभागार में इतनी बड़ी तादाद में मौजूद बच्चे अपने सुनहरे भविष्य और ऊँची उड़ान के लिए न जाने कितने सपने बुने होंगे, जिन्हें बेहतर स्वास्थ्य के बल पर ही साकार किया जा सकता है।

जीवन में लांग टर्म खुश रहने और सफलता के लिए जरूरी है कि अपना रूटीन सुधारें, टाइम मैनेजमेंट पर ध्यान दें, योग और ध्यान को अपनाएँ, समय पर खाने-पीने, पढ़ने और आराम करने का रूटीन बनायें। वहीं

पूरी आबादी की जननी महिला

वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योति बाजपेयी ने कहा कि पूरी आबादी की जननी महिला ही है। वह पूरे परिवार की ताकत होती है, इसलिए उनके स्वास्थ्य का खास ख्याल रखना परिवार की भी बड़ी जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर के बारे में छात्राओं को विस्तार से जानकारी दी।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए इस समय 14 साल तक की बच्चियों को मुफ्त में लगाई जा रही एचपीवी वैक्सीन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इन दोनों कैंसर की वजह से हर साल बड़ी संख्या में महिलाएं दम तोड़ देती हैं जबकि वैक्सीन, स्क्रीनिंग व जाँच से बचाव संभव है।

वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शिखा श्रीवास्तव ने स्वस्थ निर्णय लेने के लिए स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के प्रति जागरूकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं जीवन में कई तरह के शारीरिक बदलावों के दौर से गुजरती हैं, जैसे- मासिक धर्म, गर्भावस्था, मेनोपॉज आदि।

इसके लक्षणों और बचाव के बारे में पहले ही उन्हें जागरूक करना बेहतर होगा। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग व व्यायाम को अपनाने पर भी जोर दिया।

एसजी पीजीआई की वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पियाली भट्टाचार्य ने बहुत ही रोचक अंदाज में प्यासे कौवे और मगरमच्छ-खरगोश की कहानियों के आधार पर छात्राओं को जीवन में आगे बढ़ने के गुरु मन्त्र दिए । उन्होंने कहा कि जीवन में कामयाब होने के लिए आत्मजागरूकता, सहानुभूति, रचनात्मक सोच, प्रभावी संवाद, तनाव से दूरी आदि बहुत जरूरी है।

इस मौके पर केजीएमयू के क्वीन मेरी की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजाता देव ने कहा कि इंटरनेट या सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर देखकर मिलते-जुलते लक्षणों के आधार पर मेडिकल स्टोर से दवा लेकर सेवन करना घातक हो सकता है। इसलिए प्रशिक्षित और अनुभवी चिकित्सकों की सलाह पर ही दवाओं का सेवन करना चाहिए।

आकाशवाणी लखनऊ की डायरेक्टर प्रोग्राम्स सुमोना एस. पाण्डेय ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य ही जीवन की असली पूंजी है। इसी के बल पर हम समस्त सांसारिक सुखों का आनंद ले सकते हैं। अपने अध्यक्षीय भाषण में कॉलेज की प्राचार्या डॉ. बीना राय ने कहा कि इस तरह के स्वास्थ्य जागरूकता के कार्यक्रम छात्राओं के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होते हैं।

उन्होंने छात्राओं से कहा कि आज सभागार से संकल्प लेकर निकलें कि चिकित्सकों के इतने ख्यातिलब्ध पैनल ने जो जानकारियां और सुझाव दिए हैं, उनको जीवन में अवश्य अपनाएंगी। उन्होंने आयोजन के लिए पी. एस. आई इंडिया के प्रति आभार भी जताया।

इस मौके पर खुले सत्र में छात्राओं ने अपनी जिज्ञासाओं और सवालों को पैनल के सामने रखा, जिसका चिकित्सकों ने सटीक जवाब दिया। पीएसआई इंडिया के स्टेट लीड अमित कुमार ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन सीमा अग्रवाल ने किया।

इस अवसर पर पीएसआई इंडिया के डिप्टी डायरेक्टर समरेन्द्र बेहरा, दिनेश पाण्डेय, अनिल द्विवेदी, पारुल, प्रवीण दीक्षित, धर्मेन्द्र सिंह, हर्षिता आदि उपस्थित रहे।

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