उत्तर प्रदेशजीवनशैलीबड़ी खबर

केजीएमयू विभागाध्यक्ष ने रक्तदान कर किया प्रेरित 

महिलाओं ने रक्तदान करने में पेश की अग्रणी भूमिका 

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। नारी शक्ति ने जन कल्याण के लिए अग्रणी भूमिका पेश की है।

शनिवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ तूलिका चंद्रा की अगुवाई में स्वयं रक्तदान कर लोक कल्याण करने में ऐतिहासिक कार्य करके सिद्ध कर दिया ।

प्रो तुलिका चन्द्रा, विभागाध्यक्ष के साथ आकृति मिश्रा ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की महिला संकाय सदस्य एवं कर्मचारी के साथ-साथ डॉ.किसलय मिश्रा, डॉ. शिवम आजाद, डॉ. विजय प्रताप, डॉ.अनुराग कुमार, भूपेन्द्र कुमार चौधरी, दीपांशु यादव, अनूप कुमार, पारूल गुप्ता आदि चिकित्सकों एवं कर्मचारियों द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान किया गया।

इस अवसर पर विभाग की महिलाओं ने जनसेवा की भावना के साथ आगे आकर रक्तदान कर अस्पताल में भर्ती जरूरतमंद मरीजों की सहायता करने का प्रयास किया है। इस रक्तदान का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से A+ (Positive) एवं AB+ (Positive) ब्लड ग्रुप के मरीजों की सहायता करना है। विभाग के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों द्वारा किया गया।

यह रक्तदान विशेष रूप से महिला मरीजों एवं अन्य मरीजों के उपचार में सहायक सिद्ध होगा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर की गई यह पहल समाज में महिलाओं की संवेदनशीलता, सेवा भावना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।

इसके साथ ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के चिकित्सक, रेजीडेन्ट्स एवं कर्मचारियों ने जनसेवा में रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त आपूर्ति करने में योगदान दिया।

इस अवसर पर संस्थान के प्रो केके सिंह, अधिष्ठाता पैरामेडिकल संकाय, ने कहा है कि इस पूरे सप्ताह संस्थान के A+ (Positive) एवं AB+ (Positive) ब्लड ग्रुप के चिकित्सकों, एमबीबीएस, बीडीएस, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल छात्र/छात्राओं द्वारा रक्तदान कर मरीजों की मद्द के लिए पूर्ण योगदान दिया जायेगा। वहीं

डॉ तुलिका चन्द्रा, विभागाध्यक्ष, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग ने रक्तदान के लाभ बताते हुए कहा कि स्वस्थ व्यक्ति प्रत्येक 3 माह में रक्तदान कर सकता है। रक्तदान करने के अनेक लाभ है। नियमित रक्तदान से शरीर में आयरन का संतुलन बना रहता है।

जिससे 5 प्रतिशत हृदय रोगों का खतरा कम हो सकता है। रक्तदान के बाद शरीर कुछ ही दिनों में नया रक्त बनाना शुरू कर देता है, जिससे रक्त निर्माण प्रकिया सक्रिय रहती है। रक्तदान के पश्चात् रक्तदाता के रक्त की विभिन्न प्रकार की जॉचे जैसे HIV, HCV, HBsAg, Syphilis, Malaria इत्यादि निःशुल्क की जाती है।

रक्तदान करने से शरीर में नयसी स्फूर्ति जागृत होती है क्योंकि हमारी अस्थिमज्जा नयी और ताकतवर रक्त कोशिका का निर्माण करती है। डॉ चन्द्रा द्वारा अग्रणी भूमिका पेश करते हुए स्वयं रक्तदान भी बल्कि समाज के लोगों के लिए प्रेरणादायक व ऐतिहासिक कार्य भी किया। साथ ही लोगों से रक्तदान करने की अपील भी की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button