उत्तर प्रदेशजीवनशैलीबड़ी खबरराष्ट्रीय

374 मरीजों को सेना डॉक्टरों ने लौटाई आंखों की रोशनी 

भारतीय सेना और वायु सेना के सहयोग से लगा ‘मेगा सर्जिकल नेत्र शिविर

 

गोरखपुर। लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। सेना के डॉक्टरों ने मरीजों के जीवन में उजियारा फैलाया। शुक्रवार को

भारतीय सेना और वायु सेना द्वारा संयुक्त रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहली बार अत्याधुनिक ‘मेगा सर्जिकल नेत्र शिविर’ का आयोजन 12 वायु सेना अस्पताल’ में किया गया ।

जिसमें भारतीय सेना और वायु सेना की विशिष्ट नेत्र चिकित्सा टीम के नेतृत्व में संचालित ऐतिहासिक अभियान ने “राष्ट्र प्रथम” की भावना के तहत सैकड़ों लोगों के जीवन में नया प्रकाश भर दिया।

इस अवसर पर एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, सेंट्रल एयर कमांड एयर मार्शल बी. मणिकांतन उपस्थित रहे। वहीं सर्ज वाइस एडमिरल डॉ. आरती सारिन, महानिदेशक सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं तथा एयर मार्शल संदीप थरेजा, महानिदेशक चिकित्सा सेवाएं (वायु) द्वारा उच्च स्तरीय निरीक्षण किया गया।

इस ‘मेगा नेत्र शिविर’ सेना के चिकित्सकों द्वारा अथक परिश्रम करते हुये रिकॉर्ड 374 लोगों के आंखों का ऑपरेशन करके उन्हें एक नया जीवन दिया गया। ‘मेगा नेत्र शिविर’ की शुरुआत बेहद प्रभावी रही और पहले ही दिन 100 से अधिक लोगों की आंखों का सफल ऑपरेशन किया गया।

शिविर के दूसरे दिन तक यह विशेष अभियान समाज के उपेक्षित वर्गों तक पहुंचा और ‘माटी फाउंडेशन’ के 20 मरीजों के आंखों की सर्जरी की गई।

यह ‘मेगा नेत्र शिविर’ पूरे क्षेत्र के लिए आशा की नयी किरण बना, जहां पड़ोसी देश नेपाल के साथ – साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, देवरिया, महराजगंज और गोरखपुर जिलों के ग्रामीण इलाकों से भी मरीज इलाज के लिए पहुंचे।

इस अभियान का मानवीय प्रभाव गोरखपुर निवासी 69 वर्षीय अमरनाथ गुप्ता की आंखों से सबसे अच्छी तरह समझा जा सकता है। जिनकी दुनिया धीरे – धीरे एक डरावनी, अंधेरी धुंध में बदल गई थी।

कई वर्षों से कमजोर होती नजर के कारण वे अपने पोते – पोतियों के चेहरे देखने की साधारण खुशी से भी वंचित हो थे। इस ‘मेगा नेत्र शिविर’ में सफल सर्जरी के बाद भावनाओं से अभिभूत श्री गुप्ता उन सैकड़ों लोगों में शामिल हैं।

जिन्हें “नई रोशनी का जीवन” मिला है और उनकी कहानी इस बात की मार्मिक याद दिलाती है कि भारतीय सेना के चिकित्सकों की यह विशिष्ट टीम हमारे देश के सबसे दूरस्थ क्षेत्रों तक क्यों पहुंचती है।

इस “फ्लाइंग हॉस्पिटल” का नेतृत्व आर्मी हॉस्पिटल (आर एंड आर), नई दिल्ली के नेत्र विज्ञान विभाग के प्रमुख ब्रिगेडियर डॉ. संजय कुमार मिश्रा ने किया। जिसमें लेफ्टिनेंट कर्नल रवि चौहान और मेजर अमृता जोशी सहित समर्पित सर्जिकल टीम का सहयोग प्रदान किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button