25 टीबी मरीजों को लिया गोद बांटी पोषण पोटली
चरक इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन ने टीबी मुक्त भारत बनाने में दिखाई सहभागिता

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए टीबी मरीजों को गोद लिया गया। शुक्रवार को चरक इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में एक संवेदनशील पहल की गई।
जिसमें राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिलाधिकारी विशाख जी के निर्देश एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह के दिशा-निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के प्रबंधन ने 25 टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण पोटली प्रदान की।
पोषण पोटली में चना, मूंगफली, दलिया, दालें, गुड़ और फल जैसी पौष्टिक सामग्री शामिल थी। जिसे टीबी मरीजों की रिकवरी में सहायक माना जाता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना था कि टीबी मरीज अकेले नहीं हैं,समाज उनके साथ खड़ा है। वहीं
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके सिंघल ने बताया कि टीबी मरीजों को पोषणात्मक एवं भावनात्मक सहयोग देने की दिशा में जनपद में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न संस्थान और समाज के लोग आगे आकर मरीजों को गोद ले रहे हैं।
जिससे उन्हें उपचार के दौरान सहारा और आत्मविश्वास मिल रहा है। उन्होंने आमजन से अपील की कि अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़कर टीबी मुक्त जनपद के लक्ष्य को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि इलाज के दौरान हर माह पोषण पोटली देकर मरीजों की मदद की जा सकती है।
संस्थान की निदेशक रितु सिंह ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार करने में सहयोग देना हम सभी का सामाजिक उत्तरदायित्व है।
उन्होंने कहा कि जब समाज के सभी वर्ग मिलकर कार्य करेंगे, तो वंचित एवं जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सहयोग प्राप्त होगा और जनपद को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य अवश्य हासिल किया जा सकेगा। इसी क्रम में
एरा मेडिकल कॉलेज के टीबी रोग नोडल अधिकारी डॉ. रचित शर्मा ने बताया कि टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है। उन्होंने मरीजों और उनके परिवारों को जागरूक करते हुए टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी दी तथा मरीज-केंद्रित पहल के लिए चरक इंस्टीट्यूट का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य डॉ. अनुराधा त्रिपाठी, टीबी यूनिट के एसटीएस लाल जी गुप्ता, एसटीएलएस विजय कुमार मौर्य, टीबी एचवी सुरेश कुमार सहित संस्थान स्टाफ एवं आमजन मानस उपस्थित रहे।



