उत्तर प्रदेशजीवनशैलीबड़ी खबरराष्ट्रीय

 मंत्रियों ने नेचर एण्ड वर्ड फेस्टिवल का काटा फीता

पर्यटन मंत्री ने किया पर्यटन विकास योजनाओं का किया लोकार्पण

 

ललितपुर। लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। मंत्रियों ने नेचर एण्ड वर्ड फेस्टिवल का फीता काटकर शुभारम्भ किया।

सोमवार को विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर ललितपुर के देवगढ़ स्थित महावीर स्वामी वन्यजीव अभ्यरण में नेचर एण्ड वर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया गया।

जहां उप्र शासन के मंत्री, पर्यटन एवं संस्कृति जयवीर सिंह, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री अरुण कुमार सक्सेना एवं राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ ने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और झांसी-ललितपुर क्षेत्र में 24 करोड़ से अधिक की पर्यटन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में सभी अतिथियों ने आयोजन स्थल से पहले बनाये गए बर्ड विलेज में ठहरकर प्रकृति के लुभावने दृश्यों का आनन्द लिया। इसके बाद मुख्य आयोजन स्थल की ओर रवाना हुए।

यहां पर उन्होंने सर्वप्रथम फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और 24 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का पट्टिकाओं का अनावरण कर लोकार्पण किया। उन्होंने परिसर में लगाये गए फोटो गैलरी, चित्र प्रदर्शनी व स्टॉलों का निरीक्षण कर सराहना की।

उन्होंने मंच पर पहुंचकर मॉ सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन किया तत्तपश्चात प्रधान मुख्य वन संरक्षक,विभागाध्यक्ष सुनील कुमार चौधरी, मण्डलायुक्त बिमल कुमार दुबे, जिलाधिकारी सत्य प्रकाश, पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक, डीएफओ नवीन शाक्य सहित अन्य अधिकारीगणों ने मंत्रीगणों का बुके भेंट कर स्वागत किया।

कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्रम एवं सेवायोजन विभाग उप्र मनोहर लाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुश्वाहा, जिलाध्यक्ष भाजपा हरीशचन्द्र रावत, प्रमुख सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन अनिल कुमार सहित जिले के अन्य जनप्रतिनिधि, निदेशक इको पुष्प कुमार के.सहित इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड, पर्यटन विभाग एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, प्रकृति प्रेमी,

स्थानीय नागरिक, बर्डिंग एवं ट्रैकिंग से जुड़े विशेषज्ञ एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कलाकार उपस्थित रहे। राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज सहित अन्य कॉलेजों की छात्राओं के द्वारा स्वागत गीत व सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी।

इसके उपरान्त कार्यक्रम में सारस गणना 2025 कॉफी टेबिल बुक व डॉक्यूमेन्ट्री का विमोचन किया गया, इसके बाद फोटोग्राफी, स्लोगन व चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किये गए।

उत्तर प्रदेश में ईको टूरिज्म को शिखर पर पहुंचाने के लिए कटिबद्ध – जयवीर सिंह

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन विभाग और वन विभाग संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश में ईको टूरिज्म को शिखर पर पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि वैश्विक इको पर्यटन मानचित्र पर बुंदेलखंड को विशिष्ट स्थान प्राप्त हो, बर्ड फेस्टिवल इसकी आधारशिला है।

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ललितपुर का देवगढ़ क्षेत्र ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध है। यहां प्राचीन काल के जैन मंदिर, बौद्ध गुफाएं, दशावतार मंदिर के साथ-साथ बेतवा नदी के किनारे जैव-विविधता और वन्यजीवों के सरंक्षण का अद्भुत केंद्र है।

केवल देवगढ़ ही नहीं पूरा ललितपुर पर्यटन आकर्षणों से भरा है। नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल के दौरान आमलोग पक्षियों को देख सकते हैं, प्रकृति के बीच भ्रमण कर सकते हैं तथा आर्द्रभूमि संरक्षण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का हिस्सा बन सकते हैं।

वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड..

पर्यटन मंत्री ने कहा कि इंटरनेशनल वेटलैंड डे पर जानकारी देते हुए हर्ष हो रहा है कि केंद्र सरकार की एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना और राज्य सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन योजना के बाद हम वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड भविष्य के ब्रांड अंबेसडर भी तैयार कर रहा है।

युवा टूरिज्म क्लबों के सदस्यों को विभिन्न अवसरों पर विस्टाडोम कोच, विभिन्न पक्षी विहारों सहित नजदीक प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जाता है। विद्यालयों में प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में प्रारंभिक स्तर से ही पर्यावरण संरक्षण और ईको टूरिज्म के प्रति जागरूकता विकसित की जा रही है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक जनपद के अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों का भी विकास किया जाए।

रामसर साइट्स-टाइगर रिजर्व के पास पर्यटन विकास..

पर्यटन मंत्री ने कहा कि पिछले दिनों हुई संयुक्त बैठक में वन विभाग ने बताया कि अब तक 52 वेटलैंड सूचीबद्ध किए जा चुके हैं। यहां पर्यटन सुविधाओं के विकास पर सहमति बनी है। इस प्रदेश के प्रत्येक जिले पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। दोनों विभागों के बीच प्रदेश की 11 रामसर साइट्स और 04 टाइगर रिजर्वों के आसपास पर्यटन सुविधाओं के विकास पर सहमति बनी है।

उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विभिन्न राज्यों और देशों के टूर ऑपरेटरों एवं यात्रा व्यवसायियों की फैम ट्रिप आयोजित की जा रही है।

हाल में ही यूके, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से आए प्रतिनिधि न केवल राज्य के सौंदर्य से आकर्षित हुए, बल्कि उत्तर प्रदेश के डेस्टिनेशन को अपनी आइटनरी में शामिल भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड घरेलू और विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बने। पर्यटन स्थलों और पर्यटकों की सुविधाओं पर तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरुण सक्सेना, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने कहा, नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल-2026 उत्तर प्रदेश की समृद्ध जैव-विविधता, पक्षी संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण प्रस्तुत करता है।

यह उत्सव न केवल प्रदेश के वेटलैंड्स, वन क्षेत्रों और प्रवासी पक्षियों की महत्ता को रेखांकित करता है, बल्कि नागरिकों विशेषकर युवाओं को प्रकृति के संरक्षण के लिए जागरूक और प्रेरित भी करता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को समृद्ध प्राकृतिक विरासत मिल सके।

नदियां, वेटलैंड्स, प्रवासी पक्षी हमारी धरोहर- अरुण सक्सेना

वन मंत्री अरुण सक्सेना ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नदियां, वेटलैंड्स, वन क्षेत्र और प्रवासी पक्षी हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं, जिनका संरक्षण आवश्यक है। नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल-2026 यह संदेश देता है कि विकास तभी सार्थक है जब वह प्रकृति के संतुलन के साथ हो। प्रदेश सरकार जैव-विविधता संरक्षण, पक्षी आवासों के संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

इसके अलावा कार्यक्रम में राज्यमंत्री, सदर विधायक, जिलाध्यक्ष भाजपा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने अपने सम्बोधन में जिले के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन व भावी पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button