
लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। कवि और मुशायरा में खूब ठहाके लगे। रविवार को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का शुभारंभ नगर मजिस्ट्रेट ज्ञान चन्द्र गुप्ता ने किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सुल्तान शकीरा हाशमी साहब ने की। इसके तत्पश्चात चीफ वार्डेन अमरनाथ मिश्रा ने सरला शर्मा (आस्मां) को सुभद्रा कुमारी चौहान सम्मान 2026, रूप पांडे (सतरूपा) को मीराबाई सम्मान 2026, फैज खुमार बाराबंकी को कैफ़ी आज़मी सम्मान 2026,
रुबीना अयाज को सरोजिनी नायडू सम्मान 2026, स्वेता शुक्ला को अमृता प्रीतम सम्मान 2026, डॉ.जुबेर अंसारी को मजरूह सुल्तानपुरी सम्मान 2026, एवं अध्यक्षता कर रहे डॉ.सुल्तान शकीरा हाशमी को मुंशी प्रेमचंद सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। वहीं
कवित्री श्वेता शुक्ला ने ये तिरंगा शान से फ़हरे, कभी अड़चन न आये
नाम न हो देश का ऐसी कोई धड़कन न आये। सरज़मीँ पर जाँ लुटा देंगे ये खायी है क़सम, इस वतन की हर ज़ुबाँ का गीत वन्दे मातरम् ।
कवित्री रूपा पाण्डेय ने बंकिम की लेखनी को करें शत शत नमन हम डेढ़ सौ साल का हो गया हमारा वन्दे मातरम्। कवि डॉ ज़ुबैर अंसारी ने यौम ए जम्हूरिया का मौक़ा है हमको आईन हुक्म देता है सारे धर्मों का एहतिराम करें जग में हिंदोस्तां का नाम करे भाईचारे को मिलके आम करें अपने हिंदोस्तां का नाम करें दिल में इसकी जगह मुबारक हो यौम ए जम्हूरिया मुबारक हो।
कवि फैज़ खुमार बाराबंकवी ने तभी तो फैज़ नसब पर मुझे गुरूर भी है, खुमार भी है रगों में मेरे सुरूर भी है।
डॉ सुल्तान शाकिर हाशमी ने छब्बीस जनवरी की अलग शान है। सच पुछिए तो नाज़ीशे हिन्दुस्तान है।
शाकिर सदा वतन में रहे अमन व अश्ती। छब्बीस जनवरी का है पैग़ाम बस यही।
इस मौके पर चीफ वार्डेन अमरनाथ मिश्रा, गुरप्रीत सिंह सेठी, स्टॉफ ऑफिसर टू चीफ़ वार्डेन ऋतुराज रस्तोगी, वरिष्ठ उपनियंत्रक मनोज वर्मा, एडीसी रेखा पाण्डेय, ममता रानी, आज़ाद नफीस, डिविजनल वार्डेन सुनील कुमार शुक्ला, नफीस अहमद, संजय जौहर, डिप्टी डिविजनल वार्डेन रामगोपाल सिंह, मुशीर अहमद, राजेन्द्र श्रीवास्तव, मजीद खान, इमरन कुरैशी सहित सैकड़ों वार्डेन मौजूद रहें।



