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घने कोहरे से आपस में टकराई दर्जनों गाड़ियां, एक दर्जन के अधिक मौत

यमुना एक्सप्रेस वे पर भीषण रोड एक्सीडेंट

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। उत्तर प्रदेश की सुबह मंगलवार रोड एक्सीडेंट से घिरा रहा। प्रदेश के मथुरा जनपद में यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के घने कोहरे ने बड़ा हादसा हो गया।

सुबह करीब 3:30 बजे बलदेव थाना क्षेत्र में 127 किलोमीटर माइलस्टोन के पास बेहद कम दिखाई देने के कारण एक के बाद एक सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं। इस भीषण सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनाई देने लगी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के समय कोहरा इतना घना था कि कुछ मीटर आगे तक देख पाना मुश्किल हो रहा था। अचानक आगे चल रहा एक वाहन धीमा हुआ, जिसके बाद पीछे से आ रही बसों और कारों ने एक-दूसरे को टक्कर मार दी।

कुछ ही पलों में कई वाहन एक साथ फंस गए और टक्कर की तीव्रता के कारण कई बसों और कारों में आग लग गई। आग लगते ही यात्रियों में भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल की कई गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत और बचाव कार्य के दौरान घायलों को क्षतिग्रस्त वाहनों से बाहर निकाला गया।

एंबुलेंस की मदद से घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। जिला अस्पताल मथुरा और 100 शैय्या अस्पताल वृंदावन में बड़ी संख्या में घायलों को भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायलों को एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर किया गया।

प्रशासन के अनुसार, हादसे में कई शव बुरी तरह जल गए हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। अब तक कुछ शवों की पहचान हो सकी है, जबकि अन्य की शिनाख्त के लिए प्रयास जारी हैं।

जरूरत पड़ने पर मृतकों की पहचान के लिए डीएनए जांच का सहारा लिया जाएगा। हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को सूचना देने का काम भी प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।

हादसे के बाद यमुना एक्सप्रेस-वे पर आगरा से नोएडा की ओर जाने वाला यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यातायात पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को डायवर्ट कर धीरे-धीरे स्थिति को सामान्य किया।

जली हुई बसों और कारों को क्रेन और हाइड्रा मशीनों की मदद से सड़क से हटाया गया, जिसके बाद यातायात बहाल किया जा सका।

जिला प्रशासन ने इस भीषण हादसे को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने एक जांच समिति गठित की है, जो हादसे के कारणों की जांच कर 48 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

जांच में यह भी देखा जाएगा कि वाहनों की गति, सुरक्षा मानकों और कोहरे के दौरान यातायात प्रबंधन में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई।

प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि कोहरे और खराब मौसम के दौरान यमुना एक्सप्रेस-वे पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। गति सीमित रखें, फॉग लाइट का प्रयोग करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।

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